जमशेदपुर : कोल्हान के पूर्व डीआइजी और भाजपा नेता राजीव रंजन सिंह ने अपने ऑफिस में वर्ष 2019 में जमशेदपुर के मानगो के सहारा सिटी में हुई नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में प्रेस कांफ्रेंस किया. श्री सिंह ने कहा कि इस केस के दौरान वह डीआइजी के पद पर थे, इसलिए वह इस केस को देखे है. सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट द्वारा द्वारा आरोपियों की याचिका खारिज कर दिया गया है. इस केस में झारखंड सरकार के स्वास्थ मंत्री के भाई, डीएसपी एवं अन्य हाईप्रोफाइल के लोग आरोपी है. इस कारण इस केस का स्पीडी ट्रायल होना चाहिए ताकि आरोपियों को सजा मिल सके. पूर्व डीआइजी ने कहा कि कोर्ट में 319 सीआरपीसी के तहत कंप्लेनेंट के वकील द्वारा विरोध फाइल किया गया था. कोर्ट ने संज्ञाता में 22 आरोपी का नाम जोड़ा था. (नीचे भी पढ़ें)

श्री सिंह ने एसएसपी से अनुरोध किया कि इस केस में झारखंड के स्वास्थ मंत्री के भाई एवं पुलिस के अधिकारियों का नाम जुड़ा है. इस वजह से पीड़िता के परिवार, गवाह एवं वकील की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का प्रबंध करे और केस के ट्रायल पर अपनी पूरी निगाह रखे, जिससे पीड़िता को न्याय मिल सके और आरोपी बचे नही सके, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो. इसमें यह भी बताया गया है कि इस मामले में शिकायतकर्ता लड़की अगर इस मामले में समझौता भी कर लेती है तो कोई लाभ नहीं होगा. पुलिस की ओर से लिये गये 161 के बयान को भी अहम कोर्ट मानता है. पूर्व डीआइजी ने कहा कि वे खुद पुलिसवाले रह चुके है. इस कारण किस तरह का दबाव आता है, वह समझते है. इस कारण इस मामले में तत्काल सुरक्षा का बंदोबस्त कर गवाही कराना चाहिए. वकील, लड़की, लड़की के परिजनों को सुरक्षा प्रदान किया जाये.











