
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम से चुनाव लड़ चुके पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने भारतीय जनतंत्र मोर्चा के नेताओं का जवाब दिया है. देवेंद्र सिंह ने कहा है कि पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरय राय छूटभैया नेताओं के माध्यम से उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए झूठे तरीके से हमला करवा रहे हैं. उन्हें हिम्मत है तो सामने आकर बोले. गुरुवार को जारी प्रेस-विज्ञप्ति में देवेंद्र सिंह ने कहा कि विगत विधानसभा चुनाव में सरयू राय ने अपराधियों का संरक्षण एवं उनकी सहायता लेकर चुनाव जीते, जिसका जीता जागता उदाहरण था अमुल्यो कर्मकार, जो सरयू राय की पार्टी का ही मंडल अध्यक्ष था, जिसने दिनदहाड़े अधिवक्ता प्रकाश यादव की निर्ममतापूर्वक हत्या की थी. उस समय सरयू राय ने पुलिस को धमकी भरे लहजे में कहा था कि अगर अमूल्यो की गिरफ्तारी हुई तो ईट से ईट बजा दूंगा. उसी दिन रात्रि में पुलिस ने कई मामलों में संलिप्त अपराधी एवं भू-माफिया अमूल्यो कर्मकार को गिरफ्तार कर लिया. ऐसे ही दर्जनों उदाहरण सरयू राय के रहे हैं, जब वे मंत्री थे. सरयू राय जेल में एक खूंखार अपराधी छोटू पंडित से अपने मंत्री पद का टॉर्च दिखाकर जेल में मिलने चले गए, जिसकी बाद में हत्या भी हो गई. अपराधियों के संरक्षण, चिरकुट नेताओं के आका का अपराधियों को पालने का पुराना इतिहास है. विधायक सरयू राय में हिम्मत है तो वे बताएं किस अपराधी को हमने संरक्षण दिया है. श्री सिंह ने कहा है कि वे सरयू राय की राजनीतिक यात्रा से भली-भांति परिचित है. जब भाजपा ने 1980 में सरयू राय को बक्सर क्षेत्र से टिकट नहीं दिया तो वे पार्टी छोड़ दिए. कुछ दिन पत्रकार बने उसके बाद लालू यादव के पार्टी ज्वाइन कर लालू यादव के चेला बन गए. कई बार दल बदलने वाले जहां टिकट ना मिली उस जगह पर दल छोड़ने वाले ज्ञान की बातें ना करें. देवेंद्र सिंह ने कहा कि उनके निजी जीवन पर, घर द्वार पर जिसने अनर्गल बात कही है, मैं उस पर मानहानि का मुकदमा भी करूंगा. इनके तथाकथित नेता टाटा कंपनी के कई क्वार्टर कब्जा करके बैठे हैं. ऐसे छुटभैया लोग अपने नेता के गिरेबान में झांक लें, जिसने स्वार्थ सिद्धि के लिए विगत विधानसभा चुनाव में दुमका एवं अन्य क्षेत्रों में हरी पगड़ी पहनकर झमुमो-कांग्रेस प्रत्याशी के लिए समर्थन जुटा रहे थे. हम लोगों का जीवन संघर्ष का रहा है. अपने जीवन में संघर्ष करके हम लोग पुलिस की लाठी भी खाई है. छात्रों की समस्या को लेकर जेल भी गए हैं. अयोध्या धाम में राम मंदिर आंदोलन हो या भाजपा के मूल्यों पर आधारित राजनीतिक आंदोलन हो, कई बार जेल जाना पड़ा इनके नेता कितने बार सामाजिक आंदोलन में जेल गए हैं जरा उनके चाटुकार नेता बता दें.





