
जमशेदपुर : इंकैब इंडस्ट्रीज (केबुल कंपनी) में लगी आग की उच्चस्तरीय जांच की जायेगी. केबुल कंपनी में लगी आग को काफी मशक्कतों के बाद काबू पा लिया गया. बताया जाता है कि आग में दस्तावेजों को जलाने की कोशिश की गयी होगी. आग लगने के बाद पूर्व मंत्री सरयू राय ने केबुल कंपनी के जेनरल ऑफिस में पहुंचे और आग पर काबू पाने के लिए चल रहे ऑपरेशन में मदद की जबकि उन्होंने इस अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की.
सरयू राय ने राज्य के मुख्य सचिव डीके तिवारी को फोन पर कहा कि इस बारे में राज्य के डीजीपी ने भी इसकी जांच कराने के लिये जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है. श्री राय ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया इसमें षड्यंत्र की बू आ रही है. यहाँ चौथी बार आग लगी है.
इसमें मज़दूरों के वेतन, पीएफ एकाउंट आदि के काग़ज़ात थे. कंपनी 20 साल से बंद है. खोलने का मामला कंपनी लॉ बोर्ड ट्राइब्यूनल में चल रहा है. 9 जनवरी को डेट है. शायद इसीलिये कागजातो को जलाकर ख़ाक करने का षड्यंत्र हुआ है.
मुख्य सचिव और डीजीपी ने जाँच का आदेश दे दिया है. शुक्रवार को सरयू राय की वार्ता केबुल कर्मियों के साथ है. इस बैठक के दौरान श्री राय समझेंगे कि कहां क्या परेशानी है. राजनीति क्या है, इसको भी समझने का प्रयास वे लोग करेंगे.







