जमशेदपुर : जमशेदपुर के युवा सिख प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने गुरुद्वारों में होने वाले चुनावों में प्रत्याशियों द्वारा अपनायी जाने वाली साम-दाम-दंड-भेद की नीति का कड़ा विरोध जताते हुए सीजीपीसी को एक ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में मांग की गयी है कि गुरुद्वारों में चुनाव परिणाम के बाद की जाने वाली आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबन्ध लगाया जाय. (नीचे भी पढ़ें)
प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने रविवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार भगवान सिंह को ज्ञापन सौंप यह भी मांग रखी कि गुरु घरों में चुनाव के नाम पर राजनीति बंद होनी चाहिए. चुनाव सेवादारी के लिए होना चाहिए न कि प्रधानगी के लिए. उन्होंने भगवान सिंह से निवेदन किया कि चुनावों के दौरान या उसके उपरांत की जानी वाली अनुशासनहीनता के विरुद्ध सीजीपीसी तत्काल प्रभाव से एक दिशा निर्देश लागू करना सुनिश्चित करे.(नीचे भी पढ़ें)
जमशेदपुरी ने बताया कि आतिशबाजी, ढोल-नगाड़े का प्रयोग एक दूसरे को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति है जबकि चुनाव प्रत्याशियों के सर पर पगड़ी गुरु साहिब की ही दी गई है, तो एक सिख का दूसरे सिख को नीचा दिखाना शोभा नहीं देता. सीजीपीसी कार्यालय में मानगो नौजवान सभा के मुख सेवादार जगदीप सिंह, प्रभजोत सिंह, वीर सुखवंत सिंह, गुरपाल सिंह, मन्नी सिंह, अमरजीत सिंह आदि कई सदस्य मोजूद थे.



