जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी में 5 सितंबर 2011 को शशि पासवान की हुई हत्या के मामले में जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे – 4 राजेन्द्र कुमार सिन्हा की अदालत ने मंगलवार को छह आरोपियों को दोषी करार दिया है. अदालत ने सजा के बिंदू पर 21 जनवरी को सुनवाई करेगी. आरोपियों में सोनारी निर्मल नगर दोमुहानी का वासू बागती, मानगो डिमना रोड विश्वकर्मा कॉलोनी का विवेक शर्मा, निर्मलनगर दोमुहानी का निरंजन महतो, दोमुहानी का बबलु महतो उर्फ भकलू महतो और रवि दास शामिल है। अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि मामले में कुल 11 लोगों की गवाही हुई हैं.(नीचे भी पढ़े)
क्या हैं मामला :घटना 5 सितंबर 2011 को घटी थी और शशि पासवान के पिता रामबिलास पासवान के बयान पर सोनारी थाने में मामला दर्ज कराया गया था. घटना के दिन शशि अपने साथी विजय पासवान, रवि पासवान, पंचु गोराई, छोटू कर्मकार, सोनु निषाद, रंजन कर्मकार व अन्य के साथ गणेश पूजा के दौरान डांस का कार्यक्रम देखने के लिये गया हुआ था. बच्चे सटेज पर डांस कर रहे थे, इस बीच बच्चों को पुरस्कार देने के लिये शशि रात के 8.30 बजे स्टेज पर गया था। पुरस्कार देने के बाद नीचे उतरते समय ही उसपर ईंट और पत्थर से हमला कर दिया था.(नीचे भी पढ़े)
घटना को अंजाम देने में थे यह लोग :घटना की रात चुनु सिंह सरदार ने शशि पर पीछे से ईंट से हमला कर दिया था. इसके बाद शशि कुछ दूरी पर जमीन पर गिर गया, तभी वहां सभी पहुंच गये थे जिसमें रवि दास, संजय बनिया, लखिंद्र महतो, वासु बागती, सोनु, विवेक लोहार, पुटु कालिंदी, निरंजन, भोकलू महतो आदि हाथ में तलवार, भुजाली और पत्थर लिये हुये थे. घटना के समय घटना का विरोध करने रामबिलास पासवान, विजय पासवान, पंचु गोराई, छोटू लोहार आदि गये थे. तब चुनु सिंह सरदार, रवि दास और बाबु सरदार ने पिस्तौल और भुजाली का भय दिखाया और फायरिंग कर दी। इसके बाद सभी डर से वहां से भाग गये थे.(नीचे भी पढ़े)
दोमुहानी नदी से पुलिस शशि का शव बरामद किया था :घटना के बाद पुलिस ने शशि के शव दोमुहानी नदी से बरामद किया था. सिर पूरी तरह से कुचला हुआ था. शशि की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को नदी में फेंक दिया गया था. अदालत ने इन आरोपियों को भादवि की धारा 302 (हत्या) और 201 ( साक्ष्य छूपाने ) के आरोप में दोषी पाया हैं.












