जमशेदपुर : जमशेदपुर कोर्ट स्थित विशेष पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश बिमलेश सहाय की अदालत ने सोमवार को एक अहम आदेश पारित किया है. मानगो थाना क्षेत्र की एक किशोरी से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी नानक चंद्र सेठ के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 3(बी) व दंडनीय धारा 4(2) के तहत अतिरिक्त आरोप (चार्ज) तय करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया है. अब मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी, जिस दिन यह अतिरिक्त आरोप विधिवत गठित किया जाएगा. सुनवाई के दौरान सूचक (पीड़िता के पिता) के अधिवक्ता गौरव पाठक एवं लोक अभियोजक बबीता कुमारी ने संयुक्त रूप से एक आवेदन दाखिल किया. उन्होंने अदालत का ध्यान मामले में अब तक दर्ज साक्ष्यों की ओर आकृष्ट कराया और कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट के तत्व सामने आते हैं. ऐसे में पूर्व में तय आरोपों की तुलना में अधिक गंभीर धाराओं में अतिरिक्त आरोप गठित किया जाना न्यायहित में आवश्यक है. (नीचे भी पढ़े)
अदालत ने सूचक, चिकित्सक और अनुसंधान पदाधिकारी (आइओ) समेत कुल 09 गवाहों के बयानों और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री का अवलोकन करने के बाद पाया कि धारा 3(बी) और 4(2) के तहत अतिरिक्त चार्ज जोड़ने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि फैसले से पहले रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों में बदलाव या नए आरोप जोड़े जा सकते हैं. पोक्सो एक्ट की धारा 3(बी) व 4(2) के तहत न्यूनतम 20 वर्ष की सजा से लेकर आजीवन कारावास तक का कड़ा कानूनन प्रावधान है. निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों को यह स्वतंत्रता दी है कि वे अतिरिक्त आरोप के संबंध में पूर्व में परीक्षित गवाहों को पुनः बुलाकर उनका परीक्षण या प्रतिपरीक्षण (क्रास एक्जामिनेशन) कर सकते हैं. यह मामला मानगो थाना क्षेत्र का है, जहां सितंबर 2021 के आसपास घटित घटना को लेकर किशोरी के पिता ने आरोपी नानक चंद्र सेठ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. वर्तमान में आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 8 तथा आईपीसी की धारा 354(जी), 504 और 506 के तहत मुकदमा चल रहा है, जिसमें अब अधिक गंभीर धाराएं जोड़ी जा रही हैं.




