जमशेदपुर : जमशेदपुर कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने करीब 23 साल पहले मजदूर की मौत के मामले में टाटा स्टील के पूर्व एमडी डॉ जेजे ईरानी को फैक्ट्री एक्ट के मामले में बरी कर दिया जबकि इसी मामले में ब्यालर एक्ट के तहत दायर मुकदमा में डॉ जेजे ईरानी को 6 माह की सजा सुनायी गयी जबकि एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. हालांकि, कोर्ट ने डॉ जेजे ईरानी को जमानत दे दी. करीब 86 साल के डॉ ईरानी इस मामले में सुनवाई करने के दौरान खुद जमशेदपुर कोर्ट में शामिल रहे. बताया जाता है कि जमशेदपुर के टाटा स्टील वर्क्स में एक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गयी थी. उस वक्त के फैक्ट्री इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह ने इस मौत के मामले में फैक्ट्री एक्ट के तहत एक मुकदमा दायर किया था जबकि दूसरे मामले में ब्यालर एक्ट के तहत एक अन्य केस दायर किया था. इस मामले की सुनवाई करीब 23 साल तक चलती रही. इसके बाद पहले केस फैक्ट्री एक्ट को लेकर डॉ जेजे ईरानी को बरी कर दिया गया जबकि ब्यालर एक्ट के तहत उनको 6 माह का सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना सुनाया गया. लेकिन कोर्ट ने उनको जमानत दे दी. उनको एक माह तक का समय दिया है, जिसमें कोर्ट ने उनको हाईकोर्ट में चुनौती देने का समय दिया है.





