जमशेदपुर : भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माक्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले) की प्रदेश कमेटी की बैठक मंगलवार को समाप्त हुई. इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने मीडिया से बात करते हुए पार्टी की आगामी कार्य योजना की जानकारी दी. उनके साथ माले के विधायक बिनोद सिंह भी थे. दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड के राजनीतिक हालात के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी साजिश के तहत राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल पैदा करना चाहती है. ऐसे में माले राज्य सरकार के साथ खड़ी है. इसके अलावा देश के वर्तमान हालात को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया और कहा देश का हर वर्ग इन दिनों त्राहिमाम कर रहा है. नौकरियां नहीं है. मजदूर शब्द समाप्त हो चुका है. किसान परेशान है. देश को चलाने वाले जब यह कहने लगे कि वे 40 साल तक देश में राज करेंगे, इससे लोकतंत्र में अस्थिरता का माहौल बनेगा. उन्होंने कहा साजिश के तहत देश में धार्मिक उन्माद फैलाया जा रहा है, ताकि बुनियादी जरूरतों की बात ना हो. श्री भट्टाचार्य ने तमाम विपक्ष को एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ खड़ा होने की अपील की. उन्होंने कहा माले इसकी पहल करने को तैयार है. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
वहीं झारखंड में हो रहे महिलाओं के साथ अत्याचार पर उन्होंने राज्य सरकार का बचाव करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा जब प्रधानमंत्री स्वाधीनता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से महिला सुरक्षा की दुहाई दे रहे थे तब गुजरात गोधरा कांड की पीड़िता बिलकिस बानो के दोषियों को रिहाई दी जा रही थी, तब प्रधानमंत्री चुप थे. उन्होंने कहा देश में कहीं भी महिलाएं सुरक्षित नहीं है. महिला सुरक्षा को किसी खास कौम या मजहब से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सभी को एक मंच पर आने की जरूरत है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य को अशांत करने की कोशिश की जा रही है, जिसको लेकर सबको एकजुट होकर लड़ना होगा. उन्होंने कहा कि राज्यपाल को चुनाव आयोग के पत्र को सार्वजनिक करना चाहिए. जनता को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होने कहा कि भाजपा देश में उन्माद फैलाना चाहती है. कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी, झामुमो समेत तमाम पार्टियों को एकजुट होना होगा. उन्होंने कहा कि भाजपा अगर यह कहती है कि 50 साल तक वे लोग राज करेंगे तो यह जान लीजिये कि वे लोग चाहते है कि भारत में लोकतंत्र का फरमान सुना रहे है.



