
जमशेदपुर : डॉन या फिर गैंगस्टर से नहीं, जमशेदपुर पुलिस इन दिनों लूटेरों और छिनतई करने वाले गिरोह से परेशान है. इन गिरोह के सदस्यों ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है. इतना ही नहीं, ये गिरोह पुलिस के नाम का इस्तेमाल कर पुलिस को बदनाम भी कर रहे है. बात की जाए पिछले 25 दिनों की तो यह गिरोह हर तीन दिन में एक घटना को अंजाम दे रहा है. 25 दिनों में ही गिरोह ने 9 छिनतई और लूट की घटना को अंजाम दिया है. हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने ना तो इनके गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार कर पाई है और ना ही इनकी पहचान कर पाई है. पुलिस झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी इन लूटेरों की तलाश कर रही है. पूर्व में तो गैंग की ओर से घटना को अंजाम दिया ही जा रहा था पर बीते 13 फरवरी को बिष्टुपुर के सबसे बड़े ज्वेलर्स छगनलाल दयालजी संस के कर्मचारी से पिस्टल का भय दिखाकर 32 लाख रुपये की लूट करने के बाद से यह गैंग हरकत में आया. इस घटना को मात्र दो अपराधियों ने ही अंजाम दिया और लूट कर फरार हो गए. इसके पांच दिनों बाद ही 18 फरवरी को साकची के एक ज्वेलर्स से भी पुलिस वाला बनकर 10 लाख रुपयों के गहनों की ठगी कर ली गई थी. 20 फरवरी को बाइक सवार अपराधियों ने कदमा के रानीकुदर में एक महिला से उसका पर्स छिनतई कर ली थी. इसी रात अपराधियों ने सीतारामडेरा के बाराद्वारी में एक महिला से चेन की छिनतई की थी. 23 फरवरी को एमजीएम अस्पताल के पास बाइक सवार अपराधियों ने मानगो निवासी महिला शमां परवीन से बैग छीन फरार हो गए थे. बैग में नकद के अलावा जरुरी दस्तावेज थे. इसी दिन बाइक सवार अपराधियों ने चाकू का भय दिखाकर डिमना रोड में सोनी देवी से लूट कर ली थी. 25 फरवरी को गोलमुरी के दुषाद भवन के पास बाइक से आए अपराधियों ने भालूबासा निवासी पूर्णेंदू बनर्जी को चाकू मारकर पांच हजार रुपयों की लूट कर ली थी. 1 मार्च को अपराधियों ने साकची के चेनाब रोड निवासी महिला से सोने की चेन की छिनतई कर ली थी. हालांकि इस बीच फायरिंग के दो मामले दर्ज किए गए है.
बाहर से आए है अपराधी
बताया जाता है कि शहर में भोपाल का ईरानी गैंग घटना को अंजाम दे रहा है. यह गैंग शहर में रेकी कर घटना को अंजाम दे रहा है. यह गैंग प्रोफेशनल तरिके से खुद को पुलिस वाला बताकर घटना को अंजाम दे रहा है. बाहरी गैंग होने के कारण पुलिस इनकी पहचान नहीं कर पा रही है. पुलिस ने अपराधियों पर 50 हजार रुपये का इनाम भी रखा है.





