
जमशेदपुर : जमशेदपुर के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला का तबादला कर दिया गया है. रविशंकर शुक्ला ने सिर्फ एक साल तक अपना काम किया है. श्री शुक्ला काफी सुलझे व्यक्तित्व के धनी थे और कोरोना संक्रमण को लेकर वे लगातार संघर्ष कर रहे थे तो विधानसभा चुनाव को भी शांतिपूर्वक संपन्न कराया था. इस चुनाव के बाद वे कोरोना संक्रमण की लड़ाई लड़ी और उनको असल में कोरोना वारियर्स कहा जा रहा था. लेकिन अचानक से सिर्फ एक साल में उनका तबादला कर दिया जाना कई सवाल को जन्म दे रहा है. अंदरखाने तो चर्चा यह है कि कारपोरेट जगत की ओर से उनको हटवाने के लिए सरकार पर दबाव दिया गया, जिसके बाद यह बदलाव किया गया क्योंकि एक कारपोरेट जगत की मनमानी को वे लगातार रोक रहे थे. हालांकि, उनकी पोस्टिंग भाजपा की रघुवर सरकार में की गयी थी. जमशेदपुर में नये आने वाले डीसी सूरज कुमार है. वैसे तो वे जमशेदपुर में एसडीओ और डीडीसी के पद पर रहे है, लेकिन उनका डीसी बनाया जाना भी चर्चा में है. बताया जाता हैकि उपरोक्त कारपोरेट घराने के लोग इस ट्रांस्फर के लिए काफी सक्रिय नजर आ रहे थे ताकि मनमुताबिक अपना काम करा सके. वैसे तबादला एक प्रक्रिया है, लेकिन कोरोना संकट के इस दौर में थोक में तबादला लोगों को हजम नहीं हो रहा है. इसी क्रम में पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला का भी तबादला कर दिया गया. साथ ही जिले की कमान पूर्व एसडीओ और डीडीसी रहे खूंटी के डीसी सूरज कुमार को सौंप दी गई है. इन सबके बीच राज्य सरकार के फैसले को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. हालांकि सुनिता सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय नारायणी सेना की ओर से जिले के उपायुक्त रहे रविशंकर शुक्ला के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित कर विदाई दी गई. वहीं इस संबंध में सेना की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई गई. जारी विज्ञप्ति के अनुसार सेना ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में बेहतर काम कर रहे उपायुक्त को अचानक हटा देना सही नहीं है. वैसे सेना ने नए उपायुक्त की भी प्रशंसा की है.







