जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुई चाकूबाजी में घायल हिमांशु सिंह की मौत के बाद सोमवार देर रात शहर में भारी बवाल देखने को मिला. पुलिस की कार्यशैली से नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, कई जगह तोड़फोड़ की, सड़क जाम की और आगजनी भी की. हिमांशु सिंह की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बिष्टुपुर के रीगल गोलचक्कर पर जुट गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गयी और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी होने लगी. प्रदर्शनकारियों ने सिटी एसपी ललित कुमार मीणा की गाड़ी में तोड़फोड़ की. इसके अलावा पुलिस की एक पेट्रोलिंग वाहन पर पथराव कर उसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया. हालांकि इस घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ. प्रदर्शनकारियों ने आयकर आयुक्त की कार को भी निशाना बनाने का प्रयास किया और चालक के साथ मारपीट की. कई अन्य वाहनों में भी तोड़फोड़ की गयी. (नीचे भी पढ़ें)
हंगामे की सूचना मिलते ही एसएसपी पीयूष पांडेय, सिटी एसपी ललित कुमार मीणा, डीएसपी मनोज ठाकुर समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी. देर रात करीब तीन बजे अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क खाली की और स्थिति सामान्य हुई. प्रदर्शन के दौरान हिमांशु सिंह की एक महिला परिजन बिष्टुपुर थाना पहुंच गयी, जहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया. इस दौरान उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और थाना प्रभारी समेत अन्य अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई. (नीचे भी पढ़ें)
प्रदर्शनकारियों ने बिष्टुपुर थाना का मुख्य गेट बंद कर दिया और थाना का बोर्ड भी गिरा दिया. ट्रैफिक थाना का गेट भी बंद कर दिया गया. लोगों का कहना था कि जब पुलिस की मौजूदगी में हत्या हो सकती है तो थाना चलाने का क्या औचित्य है. हिमांशु सिंह की पत्नी ऋचा सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है. (नीचे भी पढ़ें)
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सिटी एसपी से अपने पति के हत्यारों के एनकाउंटर की मांग की. सिटी एसपी ललित कुमार मीणा सड़क पर बैठकर उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन ऋचा सिंह लगातार कहती रहीं कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में अपराधियों का एनकाउंटर होता है, उसी तरह उनके पति के हत्यारों पर भी कार्रवाई की जाए. उल्लेखनीय है कि हिमांशु और ऋचा की शादी करीब एक वर्ष पहले ही हुई थी. (नीचे भी पढ़ें)

लोगों का गुस्सा इतना अधिक था कि जहां भी पुलिस की गाड़ी दिखाई दी, उसे निशाना बनाया गया. एक पेट्रोलिंग वाहन को भीड़ ने घेरकर उस पर पथराव किया. चालक किसी तरह वाहन लेकर वहां से निकलने में सफल रहा. वहीं सिटी एसपी का वाहन भी प्रदर्शनकारियों के निशाने पर रहा, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. इस पूरे मामले में एसएसपी पीयूष पांडेय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना के तीन पुलिसकर्मियों एएसआई रतन कुमार दास, एएसआई राजेश कुमार रंजन और आरक्षी मनोज कुमार को निलंबित कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि इन तीनों की मौजूदगी में ही चाकूबाजी की घटना हुई थी. (नीचे भी पढ़ें)

हालांकि निलंबन के बाद भी लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ और उन्होंने थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की. गौरतलब है कि शनिवार रात डबल डाउन बार में दो गुटों के बीच मारपीट के बाद बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में चाकूबाजी हुई थी. इस हमले में हिमांशु सिंह और प्रत्यूष सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे. हिमांशु का इलाज टीएमएच में चल रहा था, जहां सोमवार शाम उनकी मौत हो गयी. वहीं प्रत्यूष का इलाज कोलकाता के एक अस्पताल में जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. इस मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. बिष्टुपुर थाना में कुल 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.







