
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स अस्पताल में करीब 20 से ज्यादा डेंगू से ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है. इसमें से अधिकांश मरीज गोविंदपुर समेत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से हैं जबकि अधिकांश मरीज नॉन एंप्लॉयी हैं. इस बात की जानकारी देते हुए अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि डेगू ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है. लोगों को भी अपने आसपास साफ-सफाई रखने की जरूरत है.
जिला परिषद सुनीता शाह को डेंगू, अस्पताल में भर्ती
छोटा गोविंदपुर की रहने वाली जिला परिषद सुनीता शाह को डेंगू हो गया है. उन्हें मंगलवार को टाटा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा है. श्रीमती शाह ने बताया कि पिछले शनिवार से उनको बुखार के साथ ठंड लग रही थी. दवा खाने के बाद बुखार उतर जाता था परंतु फिर बुखार चढ़ जाता था. इस दौरान उन्हें शरीर में तेज दर्द होने लगी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आखिरकार टाटा मोटर्स अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. उन्होंने बताया कि गोविंदपुर समेत आसपास इलाकों में डेंगू का प्रकोप बढ़ गया है. साफ-सफाई नियमित रूप से नहीं होने, जाम नाली के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है. उन्होंने कहा कि स्थानीय कंपनी अपने सीएसआर के तहत गैर जिम्मेवार होने के कारण ऐसी स्थिति बन रही है.
अधूरी रही साफ-सफाई, लोग उठा रहे हैं सवाल
गोविंदपुर में नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं है. बीते कई सालों से नियमित सफाई की व्यवस्था चरमरा गई है. पहले यहां की साफ-सफाई टाटा मोटर्स के द्वारा किया जाता था. परंतु कंपनी अकेले साफ-सफाई करने से हाथ खींच ली है. अभी हाल ही में दुर्गा पूजा से पहले टाटा मोटर्स, नुवोवो, टाटा पावर के सहयोग से वन टाइम सफाई अभियान की शुरुआत की गई थी, जो अधूरा रह गया. गोविंदपुर में कुल 40 प्वाइंट सफाई करना था, जो अब तक नहीं की गई. गोविंदपुर में अब भी कई नाले बजबजा रही हैं तो कई जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है. यही कारण है कि यहां मच्छरों के प्रकोप के कारण डेंगू मलेरिया, मरीजों की संख्या बढ़ रही है.
17 अक्तूबर से फिर होगी सफाई की शुरुआत
जिला पार्षद सुनीता शाह तथा सफाई करने वाली एजेंसी ने बताया कि 17 अक्टूबर से एक बार फिर सफाई अभियान की शुरुआत की जाएगी. गोविंदपुर में कुल 40 प्वाइंट थे, जहां सफाई करनी थी बारिश के कारण अधूरी रह गई.



