जमशेदपुर : बीते बुधवार को जमशेदपुर के जुगसलाई रेलवे फाटक के समय ट्रेन से कटकर पिता पुत्री द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है. जानकारी देते हुए सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट ने बताया कि मामले का अनुसंधान मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइडल नोट के आधार पर किया जा रहा था. इसके तहत मृतक के आरोपी भाई ने घटना के दिन ही न्यायालय में आत्मसमर्पण की अर्जी लगाई थी जबकि मृतक की भाभी को आदित्यपुर स्थित उनके मायके से गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि मामले से जुड़े अन्य दो अभियुक्त अभी फरार चल रहे हैं. सिटी एसपी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में यह बातें सामने आयी है कि घटना से दो-तीन दिन पूर्व घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. सीसीटीवी फुटेज में कई और लोगों को देखा गया है. पुलिस अब उस बिंदु पर भी जांच कर रही है. वहीं मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों के तहत कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद भी मृतक के भाई को गिरफ्तार नहीं किए जाने के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्यवाई के लिए अनुशंसा किए जाने की बात उन्होंने कहीं. गौरतलब है कि बीते बुधवार को टाटा स्टील कर्मी प्रितपाल सिंह ने अपने भाई की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी 21 वर्षीय बेटी के साथ चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी. प्रितपाल सिंह ने अपने भाई पर अपनी पत्नी द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के तहत बिष्टुपुर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी गिरफ्तार नहीं किए जाने से दुखी थे. फिलहाल जमशेदपुर पुलिस अब इस मामले में नए सिरे से जांच में जुट गई है.
शैलेंद्र के बचाव में आए पप्पू, पंचायती अपराध नहीं
झारखंड सिख विकास मंच के संस्थापक अध्यक्ष गुरदीप सिंह पप्पू, झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष एवं सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह के बचाव में आ गए हैं. गुरदीप सिंह पप्पू ने कहा है कि पंचायती करना कोई अपराध या पाप नहीं है. सिख पंथ का कोई भी इतिहास पढ़ लिया विरासत देख ले यहां शुरू से पंचायत की एक रवायत परंपरा खून में रही है. घरेलू सामाजिक पंथिक बड़े-बड़े मामले अच्छे परिवार कोर्ट में नहीं ले जाते हैं बल्कि आपसी विवाद पंचायतें में ही सुलझा लिए जाते हैं. विश्व के किसी कोने में चले जाएं गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान वहां में आपको पंचायती करते हुए नजर आएंगे. सरदार शैलेंद्र सिंह का सार्वजनिक जीवन 40 वर्ष से ज्यादा का है. हजारों विवादों का निष्पादन उन्होंने किया है और लेकिन कभी भी उन पर किसी ने कोई आरोप नहीं लगाए. घरेलू या सामाजिक विवाद में स्वाभाविक है कि एक पक्ष हमेशा नाराज रहता है. गुरदीप सिंह पप्पू के अनुसार उन्की जानकारी में कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी एक पक्ष ने फैसले को लेकर शैलेंद्र सिंह पर शक किया हो या अंगुली उठाई हो. गुरदीप सिंह पप्पू के अनुसार विवाह विच्छेद के इतने मामले समाज में बड़े हैं लेकिन शैलेंद्र सिंह बड़ी धैर्य ईमानदारी के साथ न्याय देने का काम करते रहे हैं. सामाजिक और धार्मिक के अच्छे नियमों को लेकर शैलेंद्र सिंह पूरे विश्व के सिख समाज में एक पहचान रखते हैं. उन पर कभी किसी तरह का गबन या आर्थिक अपराध का आरोप नहीं लगा है. गुरदीप सिंह के अनुसार सैनी परिवार ने अपने दो सदस्य को खोया है वे उनके साथ हैं और परिवार के लिए निष्पक्ष न्याय की उम्मीद पुलिस एवं प्रशासन से रखते हैं. यदि पत्नी ने अपना पति एवं बेटी ने पिता खोया है तो भाइयों ने भी अपना भाई खोया है. गुरदीप सिंह पप्पू के अनुसार जिला पुलिस इस मामले में सराहनीय काम कर रही है और जल्दी ही सिख समाज का एक प्रतिनिधिमंडल वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी से मिलकर मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने का आग्रह करेगा. प्रशासन से यह भी आग्रह किया जाएगा कि वह शैलेंद्र सिंह की भूमिका की अवश्य जांच करें क्योंकि वह उच्च पदों पर आसीन रहे हैं. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं बड़े पदाधिकारियों के साथ उन्हें मंच साझा करने का मौका मिला है लेकिन कभी उसका उन्होंने बेजा इस्तेमाल नहीं किया. ऐसे में वह किसी को धमकी देंगे यह समझ से परे है. हां यदि गार्जियन के तौर पर उन्होंने ऐसा कुछ किया है तो उसी तरीके से उसे देखा जाना चाहिए. अपराध नहीं समझा जाना चाहिए. वही पीड़ित परिवार से गुरदीप सिंह पप्पू ने सहानुभूति दर्शाते हुए कहा कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहब एवं वाहेगुरु तथा जिला प्रशासन पर भरोसा रखें उनके साथ न्याय होगा. जमशेदपुर का हर एक सिख उस पीड़ित परिवार के साथ है परंतु परंतु इस पीड़ा के दुखद पल कों कोई अवसर के रूप में ले तो यह भी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा. बैठक में जसवीर सिंह, जसवंत सिंह, दलबीर सिंह, राजा सिंह सुरजीत सिंह, मोहन सिंह, कर्म सिंह, सतवीर सिंह कुलवंत सिंह आदि उपस्थित थे.







