जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित बुलेवर्ड होटल में डॉक्टर एसपी फाउंडेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस मनाया गया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ ओमना जोसेफ रही. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ने डॉ एसपी चटर्जी के फोटो पर माल्यार्पण कर एवं द्वीप प्रज्जवलित कर किया. इसके बाद स्वागत भाषण बसुधा ने दिया. उन्होंने बताया कि विश्व भर आज का कार्यक्रम का कड़ी यह कार्यक्रम है. इसके बाद मुख्य वक्ता डॉ टीके चटर्जी ने बताया कि थैलेसीमिया एक आनुवांशिक मारक शिशु रोग है. इस वर्ष का विश्व थैलेसीमिया एक आनुवांशिक मारक शिशु रोग है. दिवस का थीम “थैलेसीमिया एक आनुवांशिक मारक शिशु रोग है, रोगियों को प्राथमिकता दें” रहा. डॉ चटर्जी ने बताया भारत वर्ष विश्व थैलेसीमिया एक आनुवंशिक मारक शिशु रोग है का राजधानी है. यहां हर वर्ष एक लाख नई थैलेसीमिया रोगी जन्म लेता है. थैलेसीमिया एक आनुवांशिक मारक शिशु रोग है. रोगियों का रक्ताल्पता, लीवर, प्लीन को बढ़ोतरी एवं रक्त में लौह का अंश बढ़ जाने के कारण शिशु का मौत हो जाता है. उन्होंने बताया कि हर नई वर-वधु का थैलेसीमिया जांच किया जाना चाहिये, ताकि दो थैलेसीमिया का जन्म को रोका जा सके. यह रोग एक सामाजिक समस्या है. रोगियों को सरकारी सहायता, रक्त दान, आर्थिक सहयोग की जरूरत है. उन्होंने अपनी चिकित्सकीय अनुभव से बताया. होमियोपैथिक चिकित्सा द्वारा मैंने काफी संख्यक थैलेसीमिया रोगियों को लाभ पहुंचाया है. उन्होंने अपनी दवा तथागत के बारे में भी बताया. इसके द्वारा रक्त में लौंह का अंश भी कम किया जा सकता है. उन्होंने बताया थेलासेमिया रोगियों को केला, अमरूद, बीट, पालक, साग, खजुर नहीं खाने की सलाह दी जाती है. वहीं नींबू पानी पीने का सुझाव दिया जाता है. इस अवसर पर डॉ एसके बनर्जी, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ जाहिद हुसैन, सुजय जोसेफ, कुनाल चटर्जी, पंडित किशोर चटर्जी, तापस चटर्जी, अमर गद्दी, डॉ मदन मोहन पात्रों ने भी अपनी विचार व्यक्त किया. इस अवसर पर जमशेदपुर के एक मात्र महिला जादुगर प्रतिभा भट्टाचार्य ने अपनी जादू कला का प्रदर्शित किया. इस अवसर पर डॉ ओमना जोसेफ के अलावा, संस्था के निदेशक डॉ टीके चटर्जी व अन्य सदस्य उपस्थित रहे.



