जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बाबूडीह नदी में मंगलवार की दोपहर नहाने गए तीन किशोरों में से दो के डूब जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है. डूबने वाले किशोरों की पहचान निखिल मुखी और सूरज महानंद शांडिल के रूप में हुई है. तीसरे किशोर सूरज मछुआ ने किसी तरह जान बचाकर घर पहुंचकर परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के अनुसार, तीनों किशोर निखिल, सूरज शांडिल और सूरज मछुआ आपस में घनिष्ठ मित्र थे और उनकी उम्र 14 से 15 वर्ष के बीच थी. वे तीनों मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे बाबूडीह नदी में नहाने गए थे. नहाते समय निखिल और सूरज जलकुंभी के साथ खेलते हुए नदी के गहरे हिस्से में चले गए और अचानक डूबने लगे. यह देख सूरज मछुआ ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की तेज धारा और फिसलन के कारण वह खुद घायल हो गया. किसी तरह जलकुंभी के सहारे बाहर निकलकर उसने घर जाकर परिजनों को सूचना दी. घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय मछुआरों की मदद से तलाश शुरू की गई, लेकिन अंधेरा और पानी की गहराई के कारण कोई सफलता नहीं मिल पाई. (नीचे भी पढ़ें)

सूचना मिलने पर सिदगोड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी गुलाम रबानी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को सूचित कर दिया गया है, जो सोमवार को पटना से जमशेदपुर पहुंचेगी. स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जाएगी. इधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी मुकेश घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की पूरी जानकारी ली। डूबे किशोरों में निखिल के पिता सतीश ठेकेदारी में कार्यरत हैं. वहीं सूरज शांडिल के पिता नहीं हैं और उसकी मां मजदूरी कर परिवार चलाती हैं. इस हृदयविदारक हादसे से दोनों परिवारों सहित पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है. प्रशासन द्वारा बुधवार सुबह से पुन खोज अभियान शुरू किया जाएगा. फिलहाल सभी की निगाहें एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.



