
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी गुरुद्वारा के सामने स्थित मैदान में दुर्गा काली पूजा कमेटी की ओर से बनाये गये 28 फीट के दुर्गा की प्रतिमा के मामले में जमशेदपुर के जिला प्रशासन ने आयोजक कमेटी के संरक्षक असीत मोइत्रा के खिलाफ सोनारी थाना में एफआइआर दर्ज करा दी है. सोनारी क्षेत्र के इंसीडेंट कमांडर सह कार्यपालक दंडाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद के बयान पर यह एफआइआर दर्ज कराया गया है, जिसमें यह बताया गया है कि पूजा कमेटी ने 28 फीट की मूर्ति बना दी गयी है, जो नियम के विरुद्ध है और नियमों का उल्लंघन है. मूर्ति की ऊंचाई 5 फीट होनी चाहिए, लेकिन 28 फीट मूर्ति बना दिया गया है. असीत मोइत्रा के खिलाफ भादवी की धारा 188, 269, 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम और एपीडेमिक डिजिज एक्ट 03 के तहत एफआइआर दर्ज कराया गया है. दूसरी ओर आयोजक ने कहा है कि प्रतिमा का काम 24 जुलाई से ही शुरू हो गया था. 15 अगस्त तक प्रतिमा बनकर तैयार हो चुका था. राज्य सरकार के आदेश के पहले ही प्रतिमा बन चुकी थी. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि प्रतिमा को तोड़ने की बात प्रशासन कर रहा है, लेकिन मां की प्रतिमा भी यहीं बनकर तैयार होगी और पूजा भी इसी प्रतिमा से होगी. उन्होंने कहा कि एफआइआर दर्ज करा दिया गया है तो उससे वे लोग डरने वाले नहीं है. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)
भाजपा नेता अभय सिंह दल बल के साथ पहुंचे
भाजपा नेता अभय सिंह भी दल बल के साथ सोनारी स्थित गुरुद्वारा मैदान के पास पहुंचे. वे आयोजकों से मिले. उन्होंने अपना बयान दिया कि यह क्षेत्र झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जी के विधानसभा क्षेत्र का मामला है. सरकार द्वारा कोविड-19 के तहत पूरे जमशेदपुर के लोगों ने 5 फीट की प्रतिमा बनाई है. सरकार के सारे शर्तों को कोविड-19 के महामारी के कारण पूजा पंडाल के समितियों ने सहयोग देने का निर्णय किया. पर गलत हो या सही 28 फीट की प्रतिमा सोनारी में अगर बना है, तो जिला प्रशासन या सरकार इसके मध्य का रास्ता निकालें. यह प्रतिमा कोई सीमेंट की नहीं है, जो उक्त स्थान में हमेशा की तरह विराजमान हो जाएगी, यह मिट्टी की मूर्ति है, जो विगत 24 जुलाई से बन रहा है. स्थानीय सोनारी थाना की नादानी के कारण यह प्रतिमा आज बन करके तैयार हो चुका है जिसे हटाना अब आस्था के लिए ठीक नहीं है. इसे जिला प्रशासन पूरे राज्य का मुद्दा ना बनने दें. पूजा कमेटियों को सहयोग करें. मूर्ति बनाना, कोई बहुत बड़ा अनर्थ नहीं हो गया जबकि बंगाल में थीम पंडाल से लेकर लाइटिंग, प्रतिमा में किसी प्रकार की रोक नहीं है, लेकिन जमशेदपुर या झारखंड के लोगों ने सरकार को समर्थन दिया है, इसका अर्थ यह नहीं है कि अगर कोई 28 फीट की प्रतिमा बना ली तो उसे हटाया जा सकता है. नवरात्र का पूजा अब मुंह में खड़ा है इसलिए अब इस पर ध्यान न देकर शांति और सदभाव के साथ पूजा को पूर्ण करना सरकार जिला प्रशासन और पूजा समितियों की जवाबदेही है जिसे पूरा करना चाहिए. अभय सिंह ने कहा कि पूजा पंडाल के समितियो एवं लोगों को भी स्पष्ट कर देना चाहता है कि वे लोग भोग के लिए अपनी मांग को रखे थे, शायद सरकार ने इस पर इंप्लीमेंट करके मार्ग प्रशस्त किया है, यह हमारी जन भावनाओं की जीत है. आस्था डीगे नहीं सब लोगों की मांग पर सरकार का समर्थन मिला, हम इसका स्वागत करते हैं. लेकिन एक बात ध्यान में जरूर रखना है, कोरोनावायरस खत्म नहीं हुआ है, कई बुद्धिजीवी ने अपील की है कि पंडाल में कही अत्यधिक भीड़ ना हो जाए, इस पर भी हम सभी को ध्यान देना अति आवश्यक है. अभय सिंह ने अपील की है कि बिना डरे भोग बनाये, घरों में भोग बांटे. इतना ध्यान रहे कि अभी छोटे बच्चों का वैक्सीन नही लगा है इसलिए छोटे बच्चों के लिए यह अवश्य ध्यान रखे. कोई भी छोटे बच्चे पूजा कोरोना वायरस का शिकार ना हो, इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है. भोग वितरण के कारण भीड़ ना हो इस बात का भी हमें ध्यान देना है. आप पंडाल के अंदर हो या बाहर भोग, उक्त स्थान पर ना बांटकर बल्कि घर घर पहुचाने की टीम गठित करे.






