चाकुलिया : पूर्वी सिंहभूम जिले (जमशेदपुर) के चाकुलिया के पश्चिम बंगाल सीमा से सटे गोहालडीह में जंगली हाथियों के उपद्रव के कारण शादी के रंग में भी भंग पड़ गया. गांव के कालीचरण सबर के पुत्र शिवा सबर की बारात 3 फरवरी को पश्चिम बंगाल के तुलसीबनी गई थी. मंगलवार को दुल्हन को लेकर बारात गांव लौटी. इसके पूर्व ही मंगलवार की सुबह 5:00 बजे हाथियों ने कालीचरण सबर के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया. घर की महिलाएं रात भर घर में दुबकी रही. कालीचरण सबर के मुताबिक मंगलवार को प्रीतिभोज का आयोजन था, परंतु हाथियों के भय से कोई रिश्तेदार नहीं पहुंचा. आसपास के पड़ोसी भी गांव छोड़कर रिश्तेदारों के घर भाग रहे हैं. हाथियों के उपद्रव के कारण प्रीतिभोज को स्थगित कर देना पड़ा. दुल्हा शिवा सबर और उसकी दुल्हन अर्पणा सबर ने बताया कि हाथियों के कारण भय का माहौल है. शादी के माहौल में भी घर के पास सन्नाटा पसरा है.

दूसरी ओर, चाकुलिया के गोहालडीह में बीती रात हाथियों ने जमकर उपद्रव मचाया. हाथियों ने करीब 8 घरों को क्षतिग्रस्त किया. रात भर हाथी गांव में घूमकर उपद्रव मचाते रहे और ग्रामीण अपनी जान की दुहाई लगाते रहे. हाथियों के भय से उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में 35 बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। 30 सबर परिवार स्कूल की छत पर रात गुजार रहे हैं। हाथियों के भय से सबर परिवार अपने रिश्तेदारों के घर पलायन कर रहे हैं. करीब एक दर्जन सबर परिवार पलायन कर गए हैं. ग्रामीणों के मुताबिक शाम होते ही हाथी जंगल से निकलकर गांव में घुस जाते हैं और तोड़फोड़ करने लगते हैं. ज्ञात हो कि इस गांव में हाथियों ने पिछले 3 दिनों में 3 लोगों की जान ले ली है.गांव छोड़ अपने बच्चों के साथ मायके जा रही जोबा सबर ने बताया कि हाथी के भय से विगत 4-5 दिनों से वे सभी अपने घर पर ना रहकर गांव में दूसरे के घर रह रही थी, कहा कि दूसरे के घर में कितने दिनों तक बच्चों के साथ रहती बच्चे हैं टॉयलेट और बाथरूम कहां जाएंगे जिसकारण वह परिवार संग अपने मयके जा रही है. कहा कि गोहालडीह गांव में हाथी का आतंक समाप्त होने पर वह परिवार समेत वापस गांव लौटेंगी. वही गोहालडीह सबर प्राथमिक बिधालय में हाथी के भय से आज भी बच्चे स्कूल नही पहुंचे थे, बिधालय के शिक्षक ने बताया कि बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि जबतक गांव से सटे साल जंगल से हाथी नही जाते तबतक वे सभी अपने बच्चों को स्कूल नही भेजेंगे. हाथी का आतंक गोहालडीह सबर टोला में इस कदर है कि ग्रामीण गांव छोड़ रहे हैं. सोमवार की रात सबर टोला के सबर परिवार स्कूल के छत पर शर्द रात भी हाथी के भय से खुले आसमान के नीचे रात गुजारी.







