जमशेदपुर : जमशेदपुर के बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाक़ात की और राज्य से जुड़े कई अहम जनहित के मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराया. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि झारखंड आंदोलनकारियों को विगत छह महीनों से पेंशन नहीं मिल रही है, जिससे उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. उन्होंने निवेदन किया कि पेंशन राशि अविलंब जारी की जाए, जिससे इन आंदोलनकारियों का सम्मान सुरक्षित रह सके. श्री षाडंगी ने राज्य में संचालित “सीएम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” विद्यालयों की संख्या में वृद्धि की भी मांग की. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा कि ये विद्यालय ज़रूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं और इनका विस्तार राज्य के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभा सकता है. इसके साथ ही उन्होंने 26 हजार टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवा वर्ग को रोजगार का अवसर मिल सके और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिले. अंत में, राज्य में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, श्री षाडंगी ने सुझाव दिया कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के माध्यम से अधिक पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया इन विषयों पर सरकार ज़रूरी कदम उठाएगी.



