
जमशेदपुर : जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र खड़िया बस्ती में मंगलवार देर रात हुई गोलीबारी की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में घायल हुए सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर निवासी देवदास गौड़ (24) की इलाज के दौरान मौत हो गई. एमजीएम अस्पताल में भर्ती देवदास की हालत लगातार बिगड़ती गई, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया. घटना के बाद देवदास को अस्पताल पहुंचाने वाले उसके साथी देवाशीष पोद्दार, नीरज प्रधान और आरआईटी थाना में पदस्थापित एएसआई पंकज कुमार को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पूछताछ के दौरान तीनों के बयान अलग-अलग पाए गए, जिससे पुलिस को मामले पर संदेह हुआ.(नीचे देखे पूरी खबर)

जांच में खुलासा हुआ कि घटना उलीडीह ओपी अंतर्गत खड़िया बस्ती में हुई थी और आपसी विवाद के दौरान देवाशीष पोद्दार ने ही देवदास गौड़ पर गोली चलाई थी. पुलिस के अनुसार घटना के समय सभी लोग शराब के नशे में थे. किसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और इसी दौरान गोली चला दी गई. पुलिस ने घटनास्थल से चार ग्लास, खून के निशान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं. इन साक्ष्यों से यह संकेत मिला है कि घटना से पहले सभी लोग एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे. वहीं, देवाशीष की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त देसी कट्टा भी बरामद कर लिया है. जांच के दौरान कपाली क्षेत्र से जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन विवाद का इस हत्या से कोई संबंध है या नहीं. एमजीएम थाना प्रभारी सचिन दास ने बताया कि शुरुआत से ही मामले में शामिल लोग अपने बयान बदल रहे थे और सभी नशे की हालत में थे. जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं और पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है. देवदास गौड़ की मौत के बाद मामला अब हत्या में तब्दील हो गया है. पुलिस आरोपी देवाशीष पोद्दार के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है तथा घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी हुई है.




