जमशेदपुर : जमशेदपुर शहर में बीते 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश और ओडिशा व चांडिल डैम से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदियां रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं. मंगलवार को दोनों नदियां खतरे के निशान को पार कर गईं. नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण मानगो, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर और भुइयांडीह के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. करीब पांच हजार लोग बेघर हो गए है. जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है. प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, खरकई नदी आदित्यपुर पुल के पास रात 10 बजे तक 6.70 मीटर ऊपर से बह रही थी जबकि मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 2.48 मीटर ऊपर से बहने लगा है. (नीचे देखे पूरी खबर)

खरकई नदी का डेंजर लेवल 129.00 मीटर है जबकि रात नदी का जलस्तर 135.70 मीटर पहुंच चुका है. वहीं, स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 121.50 मीटर डेंजर लेवल है, जो अब 123.980 मीटर तक पहुंच चुका है. तटीय बस्तियों में पानी भर जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. बागबेड़ा के नया बस्ती, मानगो के शांति नगर, भुइयांडीह के कल्याण नगर और शास्त्रीनगर के ब्लॉक नंबर 3 व 4 में जलजमाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है. प्रशासन और स्थानीय राहत दलों की मदद से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है. यह स्थिति चांडिल डैम का पानी छोड़ने के कारण हुई है. वहीं, ओडिशा के खरकई डैम से भी पानी छोड़ा गया है. खरकई डैम के चार में से दो गेट को खोला गया है. वहीं, चांडिल डैम का 13 गेट को खोला जा चुका है. इसके अलावा उसका कैनल, रिवर और इमरजेंसी स्लुइस गेट से भी पानी लगातार बह रहा है. 762.38 क्यूमेक्स पानी यहां से छोड़ा गया है. इस बीच जमशेदपुर के कदमा समेत कई इलाका में एनडीआरएफ की टीम को उतारा गया है. करीब 30 लोगों की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है.




