जमशेदपुर : जमशेदपुर के गैंगस्टर अखिलेश सिंह के क्रिमिनल मेंटर (आपराधिक गुरु) विक्रम शर्मा की देहरादून में हुई हत्या के मामले को देहरादून पुलिस ने सुलझा लिया है. यह संभव है कि अगले 24 या 48 घंटे में पुलिस इसका उदभेदन कर दें. अब तक की मिली जानकारी के अनुसार विक्रम शर्मा को मारने वाले सारे शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके साजिशकर्ता को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, पुलिस इस पर चुप्पी बनायी हुई है और कुछ कहने को तैयार नहीं है. इस हत्याकांड की मोनिटरिंग खुद देहरादून के नवनियुक्त एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल कर रहे है. एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अपने मिशन में पुलिस जल्द ही कामयाब होगी. एसएसपी ने कहा है कि वे अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है. (नीचे भी पढे़ं)
उन्होंने कहा है कि पुलिस की टीम अपना काम में लगा हुआ है. कब तक खुलासा होगा, इसका कोई टाइम फ्रेम नहीं कहा जा सकता है. मृतक विक्रम शर्मा के भाई अरविंद शर्मा की हत्याकांड की भूमिका पर पूछे गये एक सवाल में देहरादून एसएसपी ने कहा है कि पूछताछ अरविंद शर्मा से की गयी है. उसकी कोई सीधी भूमिका अब तक समझ नहीं आयी है. एसएसपी के इस बयान से दो बातें साफ होती नजर आ रही है. पहली यह कि पुलिस शूटरों तक पहुंच चुकी है और उन्हें लाया जा रहा है. वहीं, मृतक के भाई अरविंद शर्मा को अभी क्लीन चिट नहीं मिली है. वह पुलिस के निशाने पर है, लेकिन उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले है. सिलवर सिटी मॉल और आसपास के इलाके सारे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गयी है. इसमें बताया गया है कि मानगो निवासी प्रभात नामक व्यक्ति की भूमिका काफी संदिग्ध है, जिसको विक्रम शर्मा ने नुकसान पहुंचाया था और अरविंद शर्मा को भी उसने ही ठहरा दिया था. (नीचे भी पढे़ं)
पुलिस के मुताबिक, शूटरों में जो पहचान हुई है, इसमें बागबेड़ा का आकाश प्रसाद, विशाल सिंह और जुगसलाई निवासी आशुतोष कुमार शामिल है. सूत्रों का दावा है कि हत्या को अंजाम देने के बाद सारे शूटर उत्तर प्रदेश की तरफ भागे थे. पुलिस की एक टीम ने बनारस में दबिश देकर विशाल और आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस इसको अभी सीक्रेट रखी हुई है. देहरादून पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के 10 अलग अलग जगह में टीमें गयी है. पुलिस जल्द ही गिरफ्तार शूटरों को मीडिया के सामने ला सकती है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोली चलाने वाले तो सुपारी किलर थे, लेकिन असरी सुपारी हत्या का किसने दी थी, प्रभात, अरविंद शर्मा या कोई और विरोधी गैंगस्टर, इसका खुलासा का इंतजार किया जा रहा है.




