जमशेदपुर : डायरेक्टर जेनरल ऑफ जीएसटी इंजीलिजेंस (डीजीसीआइ) जमशेदपुर द्वारा टैक्स की चोरी के मामले में जेल भेजे गये कारोबारी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया के खिलाफ अभी भी जांच चल रही है. डीजीसीआइ के अपर महानिदेशक अजाजुद्दीन के निर्देश पर जमशेदपुर यूनिट की ओर से जांच की जा रही है. अब तक की जांच में मिली सूचना के अनुसार करोड़ों रुपये के जीएसटी घोटालाबाज विक्की भालोटिया द्वारा किया गया है, जिसकी मात्रा और बढ़ने की संभावना है. इस फर्जीवाड़ा के तार नोएडा पुलिस द्वारा उदभेदित सेल कंपनी से जुड़ा हुआ है. सूत्रों के अनुसार, जीएसटी के इस फ्राड में मास्टर माइंड विक्की भालोटिया है और इसके तार पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़, तमिलनाडू और दूसरे राज्यों से जुड़े हुए है. डीजीसीआइ जमशेदपुर इसकी गहनता सेजांच कर रही है. ऐसे कई फर्जी कंपनियों पर सबकी नजरें टिकी हुई है. बताया जाता है कि कई सारी कंपनियों को विक्की भालोटिया ने दूसरे दूसरे नामों से बनवाया और फिर उसका इस्तेमाल फर्जी इनवायस बनाने के लिए किया. इस तरह के सारे फर्जीवाड़ा को करने के पीछे कई लोग शामिल है. फर्जी इनवायस पकड़े जाने के बाद डीजीसीआइ की ओर से जांच की गयी, जिसमें कई खामियां पायी गयी और पता चलने के बाद सघनता से जांच की गयी और फिर विक्की भालोटिया को जेल भेज दिया गया. आपको बता दें कि नोएडा में देश का सेल कंपनी का बड़ा घोटाला पाया गया था.






