
जमशेदपुर : बारीडीह गुरुद्वारा में रविवार को गोविंद सिंह जी का 355वां प्रकाश पर्व सांकेतिक रूप से मनाया गया। कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर अखंड पाठ की समाप्ति के उपरांत ग्रंथी बाबा निरंजन सिंह जी ने सरबत के भले की अरदास की। महासचिव सुखविंदर सिंह ने संगत को गुरु पर्व की बधाई दी और लोगों को अमृत पान करने तथा गुरु मर्यादा में जीने का उपदेश दिया। उनके अनुसार गुरु जी ने राष्ट्र धर्म और मानवाधिकार की रक्षा के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया और हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी गुरु रूप में दे कर गए। हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के दिखाए रास्ते पर चलना है और आपसी भाईचारा पर जोर देना है। प्रधान जसपाल सिंह ने भी संगत को गुरु पर्व की बधाई दी। संगत के लिए लंगर में नाश्ते का प्रबंध किया गया था जिसे बड़े ही श्रद्धा के साथ ग्रहण किया गया। चेयरमैन मोहन सिंह, कैशियर खुशविंदर सिंह, सतनाम सिंह, अवतार सिंह, बीबी मनजीत कौर, पूर्व प्रधान अमरजीत सिंह, भामरा, राजेंद्र सिंह, तरसिक्का कुलविंदर सिंह, रिंकू सिंह आदि उपस्थित थे। (नीचे भी पढ़ें)
साकची गुरुद्वारा में गुरु पर्व मना
कोरोना गाइडलाइंस के तहत साकची गुरुद्वारा में रविवार को श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का 355वां प्रकाश पर्व मनाया गया। भोर में संगत की ओर से प्रभात फेरी निकाली गई। गुरु गोविंद सिंह जी के जन्म की बधाई संगत को दी गई। श्रद्धालुओं की ओर से प्रभातफेरी के लिए चाय पानी की भी व्यवस्था थी। अखंड पाठ की समाप्ति के उपरांत शब्द विचार एवं कीर्तन गायन का प्रवाह चला। प्रधान हरविंदर सिंह मंटू ने गुरु पर्व की बधाई देते हुए संगत को कोरोना गाइडलाइंस का पालन करने का आग्रह किया है। उनके अनुसार वाहेगुरु ने हमें मौका दिया है कि घर में बैठकर हम प्रभु से जुड़े और अंतर्मन में देखें कि हम समाज और राष्ट्र के लिए अपनी ओर से क्या योगदान दे सकते हैं। ईश्वर को हम धन्यवाद दें कि हम इस संक्रमण काल में अच्छे हैं और स्वास्थ्यकर्मियों और कोरोना वॉरियर की बदौलत है और उनके लिए हम प्रार्थना करें। इसके साथ ही उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के विचारों को रखा तथा लोगों को अमृत पान करने की सलाह दी और देहधारी गुरुओं से बचने की भी सलाह दी। वहीं गुरुद्वारा में पैकेट बनाकर लंगर वितरित किया गया। महासचिव दलबीर सिंह, कैशियर अजीत सिंह गंभीर, उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह राजू, पप्पी बाबा त्रिलोचन सिंह, रॉकी सिंह, युवराज सिंह, परमजीत सिंह काले, अमरीक सिंह, प्रितपाल सिंह, पोली पाजी, बीबी गुरमीत कौर, बीबी जसपाल कौर अमरजीत कौर, बलविंदर कौर, पिंकी कौर, मनजीत कौर, सुरजीत कौर नरिंदर कौर, पोली कौर आदि उपस्थित थे।




