
जमशेदपुर : जमशेदपुर और आसपास के इलाके में लगातार बारिश के मौसम में बीमारियां फैल रही है. डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है. डेंगू और चिकनगुनिया को देखते हुए जमशेदपुर का प्रशासन अलर्ट है. वहीं, जमशेदपुर में नागरिक सुविधाएं देने वाली कंपनी टाटा स्टील यूआइएसएल ने भी इसको लेकर काम तेज कर दिया है. जमशेदपुर की जिला दंडाधिकारी-सह- उपायुक्त विजया जाधव द्वारा डेंगू के प्रकोप से बचाव के लिए जिलेवासियों से सतर्क एवं सुरक्षित रहने की अपील की गयी है. डेंगू या चिकनगुनिया संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होता है. तेज बुखार, जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द को अनदेखा न करें, यह डेंगू या चिकनगुनिया हो सकता है. उक्त लक्षण दिखाई दें तो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें. अपने घर एवं आसपास मच्छरों के प्रजनन को रोकने हेतु आवश्यक उपाय करें. टाटा स्टील यूआइएसएल ने जमशेदपुर में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सतर्क प्रयास किएटाटा स्टील यूआइएसएल मानसून सीजन के दौरान, जमशेदपुर शहर में डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों के प्रसार से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है. (नीचे भी पढ़ें)

सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के साथ, टाटा स्टील यूआईएसएल ने डेंगू के संचरण को रोकने और नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक रणनीति लागू की है. आवासीय क्षेत्रों में मच्छरों के लार्वा चरण की पहचान करने और उन्हें नष्ट करने के लिए कठोर निगरानी प्रयास किए जा रहे हैं. प्रशिक्षित टीमें गहन निरीक्षण कर रही हैं और संभावित प्रजनन स्थलों को खत्म करने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं. इस साल अप्रैल से जून तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 180,062 घरों को निगरानी के दायरे में लिया गया और इनमें से 4193 घरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए. हाउस इंडेक्स 2.32% बताया गया. 5 से अधिक हाउस इंडेक्स को उच्च जोखिम माना जाता है. इन प्रजनन स्थलों को समाप्त कर दिया गया और इसके बाद क्षेत्र में कोल्ड फॉगिंग गतिविधि शुरू की गई. टाटा स्टील यूआइएसएल बाहरी स्थिर पानी, नालियों और खाइयों और नदी तलों में क्यूलेक्स मच्छरों के प्रजनन स्थलों के लिए व्यापक खोज कर रहा है. रिपोर्ट (अप्रैल-23 जून) के अनुसार कुल 8992 संभावित बाहरी प्रजनन स्थलों को नष्ट कर दिया गया है या मच्छरों की आबादी की वृद्धि को रोकने के लिए इन प्रजनन स्थलों को खत्म करने की व्यवहार्यता के आधार पर स्प्रे किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
इन निगरानी गतिविधियों के अलावा टाटा स्टील यूआइएसएल कंपनी क्षेत्र के सभी बंद क्वार्टरों को कवर करने के लिए अपनी निगरानी गतिविधियों का विस्तार कर रही है. इस व्यापक प्रयास का उद्देश्य आबादी में बंद और मौन प्रजनन स्थलों के भीतर संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान करना और उनका समाधान करना है. लार्वा निगरानी के अलावा उन क्षेत्रों में कोल्ड फॉगिंग की जा रही है जहां मच्छरों के लार्वा के प्रजनन का पता चला है. इसके अलावा, शहर में निर्धारित फॉगिंग के लिए एक निर्धारित योजना है जो वयस्क मच्छरों की आबादी को लक्षित करने का एक प्रभावी तरीका है. डेंगू संचरण के जोखिम को और कम करने के लिए निर्दिष्ट क्षेत्रों में नियमित रूप से गतिविधि की जाएगी. डेंगू और अन्य वीबीडी के संदिग्ध और पुष्टि मामलों की नियमित रिपोर्ट लेकर डेंगू के रिपोर्ट किए गए मामलों की निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए टीएमएच अस्पताल और एमजीएम अस्पताल के साथ रोग निगरानी के लिए एक रिपोर्टिंग तंत्र स्थापित किया है. यह सहयोग समय पर नियंत्रण गतिविधियाँ शुरू करने में सक्षम बनाता है, जिससे बीमारी के संभावित प्रसार को कम किया जा सकता है. टाटा स्टील यूआइएसएल डेंगू की रोकथाम के लिए सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के महत्व को पहचानती है इसलिए, कंपनी छात्रों, शिक्षकों और व्यापक समुदाय को डेंगू की रोकथाम के उपायों और मच्छर मुक्त वातावरण बनाए रखने के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चला रही है. टाटा स्टील यूआईएसएल अपने बहु-आयामी दृष्टिकोण के माध्यम से डेंगू से निपटने के लिए अच्छी तरह से तैयार और दृढ़ है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या करें• डेंगू या चिकनगुनिया फैलाने वाले एडिस मच्छर साफ पानी में ही पनपते हैं, इसलिए पानी के बर्तनों, पानी की टंकी आदि को ढक कर रखें. घर के आसपास सफाई रखें. • जब भी सोयें, मच्छरदानी के अंदर ही सोयें. • एडिस मच्छर हमेशा दिन के समय काटते हैं, इसलिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें. • डेंगू/चिकनगुनिया बुखार के उपचार के लिए कोई विशेष दवा नहीं है। अगर डेंगू या चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें. • मच्छरों से बचाव के लिए घर की खिड़की तथा दरवाजे पर जाली लगवायें. क्या नहीं करें• घर के आस-पास या छत पर प्रयोग में न आने वाले बर्तन, टायर आदि न रखें एवं घर में कूलर, बाल्टी, फूलदान, फ्रिज ट्रे में पानी जमा नहीं होने दें. • टूटे हुए बर्तन, प्रयोग में नहीं आने वाली बोतलें, टिन, बेकार के टायरों को जमा न रखें, क्योंकि बारिश के मौसम में इन्हीं में पानी जमा होता है, जिसमें एडिस मच्छर पनपते हैं. • बुखार होने पर उसे अनदेखा नहीं करें. • बगैर जाली लगे खिड़की तथा दरवाजे शाम एवं सुबह में खुले न रखें, क्योंकि इस समय मच्छरों का प्रकोप अधिक रहता है.




