
जमशेदपुर : जमशेदपुर के राज्य खाद्य निगम के चार गोदामों में बुधवार को छापेमारी के बाद गुरुवार से खाद्यान्नों के स्टॉक की जांच शुरू कर दी गई है. गुरुवार देर शाम तक सभी गोदामों में स्टॉक की जांच खत्म हो जाने की संभावना है. इसके लिए जिले के सरकारी शिक्षकों को कमान सौंपी गई है. उपायुक्त सूरज कुमार के निर्देश पर बुधवार को जिले के राज्य खाद्य निगम के चार गोदामों में एक साथ छापेमारी की गई थी. पांच घंटे चली छापेमारी में गोदामों को सील कर दिया गया था. गोदामों में मौजूद रजिस्टर को जब्त कर लिया गया था. राज्य खाद्य निगम खाद्यानों की कालाबाजारी में मुख्य रूप से डीएसडी और दुकानदारों का हाथ होना माना जाता है. अगर किसी दुकानदार को 100 क्विंटल खाद्यन का आवंटन होता है तो डीएसडी द्वारा दुकानदार को 50 क्विंटल खाद्यन ही दिया जाता है, बाकी का 50 क्विंटल अनाज को बेच दिया जाता है. गोदाम तक पहुंचने से पहले ही डीएसडी और ट्रांसपोर्टर के बीच सौदा हो जाता है. फिलहाल गिनती खत्म होने के बाद ही पूरी कहानी सामने आ सकती है. (नीचे भी पढ़ें)

उल्लेखनीय है कि उपायुक्त को सूचना मिली थी कि एफसीआई व एसएफसी के गोदानों में अनाज के भंडारण में अनियमितता है. साकची स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम के स्टॉक में 500 क्विंटल कम खाद्यान्न है. इसी प्रकार बर्मामाइंस स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम के स्टॉक में 600 क्विंटल खाद्यान्न अधिक है. जमशेदपुर ब्लॉक स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम में 1000 क्विंटल खाद्यान्न कम है. हालांकि भारतीय खाद्य निगम के गोदाम के बारे में शिकायत नहीं मिली थी. लेकिन प्रशासन ने राज्य खाद्य निगम के चार व भारतीय खाद्य निगम के एक गोदाम को जांच के दायरे में रखा है.




