
जमशेदपुर : राज्य में नवंबर महीने में पंचायत चुनाव होने की सुगबुगाहट शुरू होते ही राजनीतिक दल सक्रिय होने लगे हैं. इसी क्रम में जदयू ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त के माध्यम से पिछड़ा वर्ग आयोग के न्यामूर्ति लोकनाथ प्रसाद के रिपोर्ट को आधार मानते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग की है. आपको बता दें कि न्यायमूर्ति लोकनाथ प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में झारखंड के संपूर्ण आबादी में 55 फ़ीसदी पिछड़ा वर्ग की आबादी होने का जिक्र किया है. उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम इन्होंने 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा है. इसके तहत नौकरियों में 50 फ़ीसदी पद पिछड़ा वर्ग के लिए सुनिश्चित कराए जाने. पंचायत चुनाव में मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि, जिला परिषद एवं जिला परिषद अध्यक्ष का पद 50% पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने. जाति आधारित जनगणना कराए जाने एवं उसे सार्वजनिक कराए जाने. जाति पत्र एवं स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया सुगम और सरल किए जाने एवं खतियान की अनिवार्यता समाप्त किए जाने. कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन समयावधि का बिजली बिल माफ करने. पढ़ाई नहीं तो फीस नहीं. छोटे दुकानदारों से कमर्शियल बिजली के नाम पर वसूली बंद किए जाने जैसी मांगे रखी है.







