
जमशेदपुर : जमशेदपुर कोर्ट की न्यायिक दंडाधिकारी अपर्णा कुमारी की अदालत ने शनिवार को रंगदारी के एक मामले से दो महिलाओं समेत सात लोगों को बरी कर दिया. इनके खिलाफ बिल्डर उत्तम मैती ने जून 2014 में सोनारी थाना में रंगदारी का एक मामला दर्ज कराया था. वादी उत्तम ने सोनारी महतो पाड़ा के वंशीधर महतो के खिलाफ 20 लाख रुपए रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था. जबकि मामला यह था कि बिल्डर ने उनसे जमीन ली थी और उस पर बिल्डिंग बनाना था और और 50% बिल्डअप एरिया देना था. जब बिल्डर ने ऐसा नहीं किया तो वंशीधर महतो एवं उनके परिजन ने विरोध किया तो दिलदार ने पहले कोर्ट में कंप्लेंट केस फाइल किया है जो बाद में पुलिस केस में बदल गया. इस मामले में वंशीधर महतो उसकी पत्नी अंजना महतो, संतु लाल महतो, रोहित महतो, केशोवती महतो, राकेश महतो एवं कंचन महतो को आरोपित किया गया था. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में साबित कर दिया कि जिन्हें अभियुक्त बनाया गया है, वास्तव में वे जमीन के मालिक हैं और उन्हें फंसाया गया था. अभियोजन अपने आरोप साबित नहीं कर पाया तो सभी को बरी कर दिया गया.






