जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिवमंदिर के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान के दूसरे एवं अंतिम दिन, सोमवार को व्याख्यान कर्ता पं विजय शंकर मेहता ने उपस्थित श्रोताओं के समक्ष ‘एक शाम परिवार के नाम’ विषय पर अपना व्याख्यान दिया. उज्जैन से पधारे जीवन प्रबंधन गुरु पं विजय शंकर मेहता ने कहा कि कथा तो सिर्फ बहाना है, हमें तो अपना परिवार बचाना है. यदि परिवार नहीं बचा तो यह सारा विकास बारूद का ढेर बन जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)

पं मेहता ने कहा कि हमें भूषा, भाषा, भोजन, भजन और भवन सही रखना चाहिए, और हमारे परिवार के केंद्र में श्री हनुमान जी को रखना चाहिए. परिवार की रिश्तेदारियों का विस्तार से विवरण करते हुए उन्होंने कहा कि रिश्ते तो हम बनाते हैं, पर नाते भगवान ही बनाते हैं. याद रखिये ग्रृहस्थी परमात्मा का प्रसाद है, पति-पत्नी एक दूसरे को परमात्मा का प्रसाद मान लें तो निश्चित रूप से परिवार मजबूत होंगें, सफल होंगें. पंडित विजय शंकर मेहता ने आगे कहा कि नजर के साथ अपना नजरिया भी बदलिये, आप भी संस्कार से युक्त हों ओर अपने परिवार और बच्चों को भी संस्कार दीजिये. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने व्याख्यान के दौरान कहा, ‘अपने क्रोध और अहंकार को समाप्त करिए, परिवार सुखी होगा. अपने परिवार के प्रबंधन का आधार श्री हनुमान जी और हनुमान चालीसा को बनाइए, अपने परिवार में अपने से विपरीत विचारों वाले सदस्यों के साथ विनम्र रहना सीखिए, परिवार सफल होंगें, जीवन में शालीनता ओर विनम्रता अपनाइए, घर-परिवार में मां को हमेशा अपने जीवन में जिंदा बनाये रखें, जिस दिन भारत के घरों से मां मर गई, उस दिन सब कुछ समाप्त हो जाएगा. पंडित विजय शंकर मेहता ने रेखांकित करते हुए अपने व्याख्यान में कहा कि मेडिटेशन कीजिए, आने वाले एआइ के दुष्परिणामों से बचे रहेंगे. इससे पूर्व आज ब्यासपीठ पर विराजमान पं विजय शंकर मेहता जी का छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामुका, रमेश मेंगोतिया, कुमद मेंगोतिया एवं सांवर लाल शर्मा ने सम्मान किया. आज के व्याख्यान में विशेष रमेश अनिल मेंगोतिया, कुमुद मेंगोतिया, गजानंद भालोटिया, मुकेश मित्तल, दिलावर साहू, अशोक गोयल, मुरलीधर केडिया, मुरलीधर शर्मा, प्रकाश बजाज, जयराम चौधरी, गिरधारी लाल महाबीर शर्मा, कैलाश सिंघानिया, कृष्ण कुमार अग्रवाल, नथमल शर्मा, पवन नरेडी, उमेश कांवटिया, राजकुमार दोदराजका, कमल अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे. आज के आयोजन को सफल बनाने के लिए विश्वनाथ शर्मा, कमल किशोर अग्रवाल, पवन सिंगोदिया, पवन काबरा, गणेश दायमा, शंकर मितल, मंटू अग्रवाल, प्रमोद सरायवाला, पिकू अग्रवाल, दीपक बिदासरिया, नीरज अग्रवाल, सीताराम भरतिया, संजय गुप्ता, सुशील सर्वा आदि विशेष रूप से सक्रिय रहे.







