जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह थाना अंतर्गत कीताडीह साउथ सेंट्रल कॉलोनी स्थित केंद्रीय विद्यालय (केवी) टाटानगर में चल रही एनआइओएस की ऑन डिमांड परीक्षा में गुरुवार को भारी फर्जीवाड़ा पकड़ा गया. स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा देते हुए चार ‘मुन्ना भाई’ को रंगेहाथ पकड़ा है, जो दूसरे छात्रों के बदले परीक्षा लिख रहे थे. पकड़े गये सभी युवक नाबालिग बताये जा रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दसवीं बोर्ड के लिए सोशल साइंस और बारहवीं के लिए केमिस्ट्री की परीक्षा आयोजित थी. परीक्षा के दौरान जब परीक्षार्थियों के दस्तावेजों की जांच की गयी, तो एडमिट कार्ड और अन्य पेपर असली पाये गये, लेकिन उन पर लगी फोटो और परीक्षा दे रहे युवकों के चेहरों में अंतर दिखा. संदेह होने पर स्कूल प्रबंधन ने जब दोबारा गहन रि-वेरिफिकेशन किया, तो बड़ा खुलासा हुआ. कड़ाई से पूछताछ करने पर एडमिट कार्ड में दर्ज परीक्षार्थी और उनके पिता के नाम आधार कार्ड से मेल नहीं खाये. इसके बाद चारों युवकों ने स्वीकार किया कि वे दूसरों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)
डीबीएमएस कदमा की प्रिंसिपल इस दौरान पर्यवेक्षक थी. उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच के दौरान संदेह होने पर जब परीक्षार्थियों से कड़ाई से पूछताछ की गयी, तो उन्होंने दूसरे के नाम पर फर्जी तरीके से परीक्षा देने की बात स्वीकार कर ली. कागजात की छानबीन में भी उनके द्वारा दी गयी जानकारी गलत पायी गयी. अपराध स्वीकार करने के बाद तुरंत बागबेड़ा पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया. वहीं, बागबेड़ा थाना प्रभारी गोपाल कृष्णा ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय टाटानगर में परीक्षा के दौरान कदाचार की सूचना मिलने पर पुलिस पदाधिकारियों को वहां भेजा गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए चार नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य की लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. शुक्रवार को सभी आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश किया जायेगा. बागबेड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों युवकों को हिरासत में ले लिया है. इस संबंध में प्रिंसिपल के लिखित बयान पर बागबेड़ा थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गये चारों युवक नाबालिग हैं और उन्हें शुक्रवार को चालान कर सक्षम न्यायालय में पेश किया जायेगा. इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और जांच के मानकों को और कड़ा कर दिया गया है.







