जमशेदपुर : सोमवार को माझी परगना महाल के देश परगना बैजू मुर्मू, तोर परमना, हरिपदी मुर्मू, तोरप परानिक, लेदेम किस्कू खैरबनी के मांझी बाबा भगमत माझी, खैरबनी सामुटोला के हातु मुंडा दिकू मेलगाडी एवं मनपीटा ग्राम प्रधान रामचरण कर्मकार, विभिन्न ग्रामसभा के माझी बाबा एवं सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा बिष्टुपुर के सीएच एरिया के निर्मल गेस्ट हाउस में संवादाता सम्मेलन आयोजन किया गया. जिला प्रशासन पूर्वी सिंहभूम द्वारा ग्राम मनपीटा और ग्राम खैरबनी सामुटोला में हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर और कचड़ा प्लांट बनाने के लिए जिस प्रकार आनन-फानन में संवैधानिक वैधानिक प्रक्रियाओं का अनदेखा कर ग्रामसभा के कई अधिकार को खत्म कर आदिवासी मूलनिवासी समाज के भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं. वह काफी निंदनीय है और यह अनुचित है जिला प्रशासन और राज्य सरकार ग्राम सभा के संवैधानिक प्रक्रियाओं को निश्चित रूप से अनुपालन करने की कार्यवाही करें. (नीचे भी पढ़ें)
उनका कहना है कि मनपीटा ग्राम एक राजस्व ग्राम है, जहां जिला प्रशासन द्वारा बगैर ग्रामसभा के गांव की गोचर भूमि देवभूमि जाहेरा सरना और रैयती भूमि की न सिर्फ नापी की गयी है बल्कि गांव की सहमति बिना ही परिवहन विभाग को हस्तांतरण करने की प्रक्रिया शुरू किया जा रहा है. उसी तरह खैरबनी सामुटोला में कचड़ा प्लांट का निर्माण के लिए भी ग्राम सभा के बगैर सहमति और परामर्श के प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है. आदित्यपुर नगर आयुक्त द्वारा ग्राम सभा के संवैधानिक प्रक्रियाओं एवं प्रावधानों के धज्जियां उड़ाते हुए अखबारों में बयान जारी कर आदिवासी मूलवासी समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है. मानसिक रूप आदिवासयों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है जबकि आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के रूढ़ि प्रथा और संवैधानिक प्रक्रिया की इन दोनों परियोजनाओं के लगाने के क्रम में अनुपालन करने की जरूरत है. (नीचे भी पढ़ें)
माझी परगना महला धाल दिशोम जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत राजस्व ग्राम में प्रस्तावित हैवी व्हीकल मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेन्टर के निर्माण में आपत्ति जताते हुए कहा गया कि हैवी व्हीकल मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग का निर्माण मनपीटा ग्राम के बीचों बीच बनाया जाना अनुचित है, मनपीटा ग्राम के दो रैयत की भूमि रांगा माझी और सुरेन्द्र महतो प्रस्तावित परियोजना के बीचो-बीच, परियोजना के लिए चिन्हत भूमि पर जाहेरस्थान, गोठ टांडी देव स्थल अवस्थित है, परियोजना स्थाल आने जाने के के लिए गांव के मुख्य सड़क के अलावा कोई रास्ता नहीं है, गांव के मध्य में परियोजना बनने की स्थिति में बाहरी तत्व के आगमन से गांव के महिलाओं स्वतंत्र रूप से आने जाने में बहुत तरह की समस्याएं उत्पन्न होगी, ग्रामसभा मनपीटा से परियोजना संबंधी किसी भी बिन्दु पर अंचल या जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार संवाद नहीं किया गया. मनपीटा में हेवी व्हीकल ड्राइविंग सेन्टर के लिए चिन्हत भूमि अधिकांश आदिवासी मूलवासियों की धार्मिक संस्कृति किस्म की है. यदि प्रशासन द्वारा जबरन उपरोक्त आदिवासी मूलवासी की जमीन पर बनायी जाती है मनपीटा गांव का धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक धरोहर समाप्त हो जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
माझी परगना माहाल घाढ़ दिशोम पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर प्रखण्ड अन्तर्गत राजस्व ग्राम खैरबनी सामुटोला में प्रस्तावित खैरबनी ठोस कचड़ा निस्तारण संयंत्र निर्माण के लिए प्रमुख आपत्ति है क्योंकि सामुटोला ग्रामसभा द्वारा ठोस कचड़ा निस्तारण संयंत्र निर्माण के संबंध में वर्ष 2013 विभागीय आदेश के अनुसार ग्रामसभा की गयी थी. इस ग्रामसभा परियोजना से प्रभावित ग्रामवासी एवं रैयतों को आपत्ति एवं सहमति में देने के लिए कार्यक्रम निर्धारित की गई थी. उक्त ग्रामसभा में सामुटोला ग्रामसभा द्वारा गांव की गोचर सरना एवं रैयती भूमि पर किसी भी किस्म की परियोजना की सर्वसहमति से खारिज किया गया. ठोस कचड़ा निस्तारण संयंत्र के लिए 30 एकड़ चिन्हित जमीन की जा रही भूमि में अधिकांश गांव के रैयती मुखड भी प्रभावित होगें तथा रैयत भूमि को भी अधिग्रहण करना होगा जिससे यहां विस्थापन की समस्या उत्पन्न होगी. खैरबनी ठोस कचड़ा निस्तारण संयंत्र परियोजना का विरोध सामुटोला ग्राम सभा विगत 2010 से विरोध करते आ रहा है. ठोस कचड़ा निस्तारण संयंत्र नियम 2016 की धारा 2 के तहत प्रावधान है कि उक्त संयंत्र कहां लगाया या निर्माण किया जाएगा. ठोस कचड़ा निस्तारण संयंत्र का निर्माण शहरी क्षेत्र के अन्तर्गत शहरी विकास विभाग द्वारा किया जाता है परन्तु खैरबनी सामुटोला ग्राम ग्रामीण क्षेत्र है यानि कि शहरी विकास मंत्रालय का योजना को कैसे ग्रामीण क्षेत्र के धरातल
पर बनाया जा रहा है.











