जमशेदपुर: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए शुक्रवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में अहम समीक्षा बैठक होगी. बैठक में अस्पताल के अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. इसमें अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जाएगी. बैठक का प्रमुख एजेंडा अस्पताल में पेयजल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है. इसके अलावा मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विकास योजनाओं पर भी विचार होगा. प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद इन योजनाओं पर तेजी से काम शुरू होने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार अस्पताल की प्रत्येक मंजिल पर दो-दो बड़े क्षमता वाले आरओ वाटर प्यूरीफायर लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इससे भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में काफी सुविधा मिलेगी. गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में एमजीएम अस्पताल के लिए करीब 17.76 करोड़ रुपये तथा एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 3.5 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है. यह राशि फरवरी 2027 तक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए उपलब्ध कराई गई है. फंड मिलने के बाद अस्पताल की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है. (नीचे भी पढ़ें)
इससे पहले गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावों की समीक्षा की. वहीं, भवन निर्माण कंपनी एल एंड टी द्वारा पूर्व में लगाए गए 46 आरओ की मरम्मत के लिए तकनीकी टीम भी अस्पताल पहुंची, लेकिन जांच में कोई भी आरओ मरम्मत योग्य नहीं पाया गया. ऐसे में अस्पताल प्रशासन अब कम से कम 16 नए बड़े क्षमता वाले आरओ खरीदने की तैयारी कर रहा है.




