जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल के सफाई कर्मियों के स्थायीकरण का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है. झारखंड अलग राज्य बने 20 साल हो चुके हैं. जहां पिछले 18 साल से एमजीएम अस्पताल के सफाई कर्मी स्थायीकरण की बाट जोह रहे हैं. सरकारें आई- गई. हर सरकार ने इन्हें केवल भरोसा ही दिलाया, लेकिन निदान के नाम पर अब तक ये सफाई कर्मी सरकारी आदेश की बाट जोह रहे हैं. तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन कोल्हान के इकलौते सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की स्थिति जस की तस बनी हुई है. एक बार फिर से सैकड़ों सफाई कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक बन्ना गुप्ता से फरियाद लगाई है. हालांकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की कमान संभालने के बाद बन्ना गुप्ता ने एमजीएम अस्पताल के सफाई कर्मियों को नियमित करने का भरोसा दिलाया था. वहीं 1 साल बीत चुके हैं, अब तक सफाई कर्मी मंत्री के आश्वासन पर ही टिके हुए हैं. बहरहाल एक बार फिर से इन्होंने अपनी मांग मंत्री तक पहुंचायी है. अब देखना ये है कि कब तक इनकी मांग पूरी होती है. होती भी है, या नहीं.






