जमशेदपुर : डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाजरत एक और लावारिस मरीज की मौत हो गई. शुक्रवार को अस्पताल परिसर में एक बुजुर्ग महिला का शव मिलने के बाद पिछले चार दिनों में मृत लावारिस मरीजों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. होमगार्ड प्रभारी कृष्णा सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल के पीछे चहारदीवारी के भीतर एक बुजुर्ग महिला के पड़े होने की सूचना मिली. सूचना पर पहुंची टीम ने सफाई कर्मियों की मदद से महिला को इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
जानकारी के अनुसार, महिला पिछले कई दिनों से अस्पताल में इलाजरत थी और शुक्रवार को वार्ड से बाहर निकल गई थी. घटना की सूचना एमजीएम थाना पुलिस को दे दी गई है. पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराएगी. इससे पहले मंगलवार को भी एक बुजुर्ग महिला की मौत ओपीडी के बाहर हुई थी. उसका पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है और शव मोर्चरी में रखा गया है. वहीं, तीन अन्य लावारिस मरीजों के शव भी पिछले चार दिनों से मोर्चरी में रखे हुए हैं. अस्पताल के एक सफाईकर्मी के अनुसार, इन तीनों मरीजों की मौत इलाज के दौरान सामान्य कारणों से हुई थी, सूत्रों के मुताबिक, सड़क पर लावारिस अवस्था में घूमने वाले, विशेषकर मानसिक रूप से बीमार लोगों को पुलिस या सामाजिक संस्थाओं की मदद से एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया जाता है. इनमें कई मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर लौट जाते हैं, जबकि कुछ की इलाज के दौरान मौत हो जाती है. ऐसे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुवर्णरेखा बर्निंग घाट में कराया जाता है.



