जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित मिथिला सांस्कृतिक परिषद् परिसर में शनिवार को परिषद की वार्षिक आमसभा का भव्य आयोजन किया गया. आमसभा में परिषद् के 356 आजीवन सदस्यों ने भाग लिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान परिषद के विकास, संगठन को और सशक्त बनाने तथा आगामी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही वर्षभर के कार्यों एवं वित्तीय प्रतिवेदन को सदन के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदित कराया गया. बैठक के अंत में वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करते हुए वर्ष 2026-28 के लिए नई कार्यकारिणी के चुनाव की तिथि की भी घोषणा की गई. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद् के अध्यक्ष मोहन ठाकुर, महासचिव धर्मेश कुमार झा, कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार झा, परिषद के पूर्व अध्यक्ष जीवछ झा एवं लक्ष्मण झा सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्यों और गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा महाकवि विद्यापति की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. इसके बाद पंडित विपिन झा ने स्वस्तिवाचन तथा शंकर झा ने भगवती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया. राजेश कुमार झा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी आजीवन सदस्यों का स्वागत सहायक महासचिव शिव चंद्र झा ने किया और परिषद की गतिविधियों में उनकी सहभागिता के लिए उनका आभार जताया. बैठक के दौरान सहायक महासचिव राजेंद्र कुमार कर्ण ने वर्ष 2025 की वार्षिक आमसभा की कार्यवाही का वाचन किया, जिसे सदन ने करतल ध्वनि से अनुमोदित किया. इसके बाद परिषद के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में अपने दो वर्षीय कार्यकाल के दौरान परिषद द्वारा किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं संगठनात्मक कार्यों का उल्लेख करते हुए सभी सदस्यों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया. वहीं महासचिव धर्मेश कुमार झा ने वर्ष भर की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें परिषद् द्वारा आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी दी गई. (नीचे भी पढ़ें)
आमसभा के दौरान सदस्य पंकज कुमार राय ने तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे. पहले प्रस्ताव में अध्यक्ष एवं महासचिव को आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये तक खर्च करने की अनुमति देने तथा बाद में कार्यकारिणी से उसका अनुमोदन कराने का प्रस्ताव रखा गया. दूसरे प्रस्ताव में कार्यकारिणी का कार्यकाल दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने का सुझाव दिया गया, जबकि तीसरे प्रस्ताव में परिषद् की सदस्यता नामांकन शुल्क 1100 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने की बात कही गई. इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद आमसभा ने नामांकन शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जबकि अन्य प्रस्तावों पर आवश्यक प्रक्रिया के तहत विचार किया गया. इसके बाद कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार झा ने परिषद के वार्षिक आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया. वित्तीय प्रतिवेदन पर चर्चा के उपरांत आमसभा ने सर्वसम्मति से इसे पारित कर दिया. बैठक के दौरान आजीवन सदस्यों से परिषद के विकास एवं भविष्य की योजनाओं को लेकर सुझाव भी आमंत्रित किए गए. सदस्यों ने सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, परिषद भवन के विकास तथा सामाजिक कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. परिषद ने इन सुझावों पर आगामी कार्यकारिणी द्वारा गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया. (नीचे भी पढ़ें)
आमसभा के समापन से पूर्व अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने दो वर्षीय कार्यकाल पूर्ण होने की घोषणा करते हुए वर्तमान कार्यकारिणी को औपचारिक रूप से भंग कर दिया. इसके साथ ही आगामी चुनाव की निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अशोक झा ‘अविचल’, सरोज कांत झा तथा दीपक कुमार झा को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया. मुख्य चुनाव पर्यवेक्षक अशोक झा ‘अविचल’ ने घोषणा की कि मिथिला सांस्कृतिक परिषद की वर्ष 2026-28 की नई कार्यकारिणी के लिए चुनाव 2 अगस्त 2025 को आयोजित होगा. उन्होंने बताया कि नामांकन, मतदान एवं चुनाव प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा. अंत में परिषद के उपाध्यक्ष आकाश चंद्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में धर्मेश कुमार झा, राजेश कुमार झा, दिलीप कुमार झा, ललन चौधरी, गोपाल चंद्र झा, अनिल कुमार झा, पंकज कुमार राय, अमितेश इस्सर, राजेंद्र कुमार कर्ण, चंद्रभाल झा, प्रमोद कुमार दास, नवीन कुमार झा, शिव चंद्र झा, संजीव कुमार झा, विवेकानंद झा, आकाश चंद्र मिश्र, देवेंद्र झा, माला चौधरी, गोपाल जी चौधरी, अमर कुमार झा, किशोर कुमार झा, शंकरनाथ झा, अमित चौधरी, अखिलेश झा, मोहन ठाकुर, पंडित विपिन झा, मिथिलेश कुमार झा, कैलाश झा, विलास झा सहित परिषद के सभी कार्यकारिणी सदस्यों एवं स्वयंसेवकों की सराहनीय भूमिका रही.







