जमशेदपुर : झारखंड की राजनीति के भीष्म पितामह सरयू राय अब 48 साल पूर्व जेपी आंदोलन की राह पर चलने की तैयारी में जुट गए हैं. इसको लेकर आगामी 11 अक्टूबर को रांची में “भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिनिधि सम्मेलन” आयोजित किया गया है. इसमें शामिल होने के लिए प्रतिनिधियों को पहले मोबाइल नंबर 8877537777 के जरिये मिस कॉल या व्हाट्सएप भेजकर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा. इस आशय की जानकारी देते हुए जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा 48 साल पूर्व बिहार में एक छात्र आंदोलन हुआ था तब आज का झारखंड बिहार के साथ था. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और कुशिक्षा आंदोलन के मुख्य मुद्दे थे. तब भारत को गणराज्य घोषित हुए मात्र 24 साल और आजाद हुए मात्र 27 साल हुए थे. आजादी के आंदोलन की खुमार पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी. आजादी की लड़ाई के अप्रतिम योद्धा जेपी के नाम से प्रसिद्ध जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में तत्कालीन युवा पीढ़ी ने उपयुक्त मुद्दों पर आंदोलन का एक इतिहास रचा. जिसका दमन करने के लिए देश में पहली बार आपातकाल लगा. जिसका नतीजा हुआ कांग्रेस सरकार सत्ता से बेदखल हुई. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
श्री राय ने कहा व्यवस्था परिवर्तन के संदर्भ में उपयुक्त मुद्दे आज भी पूर्व की तरह प्रासंगिक है. खासकर राजनीतिक भ्रष्टाचार चरम पर है. समस्त जन जीवन और शासकीय व्यवस्था हर स्तर पर इससे बुरी तरह आक्रांत है. उन्होंने कहा वर्तमान में व्यवस्था के समक्ष उत्पन्न हो रही समस्त कठिनाइयों की जड़ में आर्थिक राजनीतिक भ्रष्टाचार का प्रभाव है. समाज में हो रही गिरावट को रोकने के लिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज देने की जरूरत है. आमजन, खासकर युवा मन को इससे जोड़ने की जरूरत महसूस हो रही है. इसे ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन का आयोजन आयोजन किया गया है. उन्होंने इसमें राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्र से कम से कम 5 प्रतिनिधियों से शिरकत करने की अपील की है.





