
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने ही बिहार में पशुपालन घोटाले का परदाफाश किया था. उस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एक बार फिर से जेल जले गये है. इस मामले के आने के बाद जिस दिन लालू प्रसाद यादव को सजा सुनायी गयी, उसी दिन सरयू राय ने पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास के कार्यकाल में हुए टी-शर्ट टॉफी घोटाले को लेकर किताब का खुद ही विमोचन किया. जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से विधायक सरयू राय ने चर्चित झारखंड स्थापना दिवस समारोह 2016 और 2017 में हुई अनियमितता के विषय में अपनी लिखी पुस्तक ‘तिजोरी की चोरी’ का लोकार्पण किया. मौके पर उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का नाम तिजोरी की चोरी इसलिए रखी गयी है क्योंकि सरकारी फंड किसी प्रयोजन के लिए दिया गया उसे साजिश के तहत निजी खर्च के लिए इस्तेमाल किया गया. तिजोरी की चोरी पुस्तक में झारखंड स्थापना दिवस में हुए टॉफी, टी-शर्ट और पाश्र्य गायिका सुनिधी चौहान के कार्यक्रम में सरकारी खजाने से इस्तेमाल पर आधिारित है. 136 पृष्ठों के पुस्तक में कुल 12 खंड है जिस पर झारखंड स्थापना दिवस के अनियमितता से जुड़ी पुख्ता सबूत को समाहित किया गया है. विधायक सरयू राय ने बताया कि घटना से जुड़े सभी पात्रों का केन्द्र बिन्दु जमशेदपुर ही है. श्री राय ने बताया कि पूर्व में झारखंड विधानसभा में विधायक अरूप चटर्जी और प्रदीप यादव इस मामले को उठाया था. पूरक प्रश्न का उत्तर के अनुमोदन के लिए जब विधायक सरयू राय के पास विभाग के सचिव आये थे तो वे जबाव से असंतुष्ट था और सरयू राय अनुमोदन के बिना ही इसका उत्तर विधानसभा में दे दिया गया. पुस्तक प्रमाणिक तथ्यों और सबूत पर आधारित है. झारखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में गायिका सुनिधि चौहान के कार्यक्रम और विभिन् विद्यालयों में बच्चों के बीच टी-शर्ट और मिठाई तथा टॉफी वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एसीबी जांच की अनुमति दे दी है. उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी, यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे अदालत की शरण लेंगे. (नीचे देखे पूरी खबर)

टी-शर्ट घोटाले की एसीबी की जांच का हो चुका है आदेश
आपको बता दें कि यह मामला झारखंड हाईकोर्ट में भी है और इस मामले में गुरुवार को ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र सरयू राय ने लिखा है और कहा है कि मैनहर्ट घोटाला से अधिक गंभीर है टॉफी-टी शर्ट घोटाला. श्री राय ने कहा है टॉफी, टी-शर्ट, गीत-संगीत, साज-सज्जा घोटाला बड़ा घोटाला है. इस घोटाला के सभी केंद्रीय पात्र जमशेदपुर से जुड़े हैं. यह घोटाला वर्ष 2016 और 2017 में 15 नवम्बर को हुए झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह के आयोजन में स्कूली बच्चों के बीच टॉफी-टी शर्ट बांटने और गीत-संगीत की महफिल सजाने तथा रांची शहर की साज-सज्जा से संबंधित हैं. इस घोटाला की जांच विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति कर रही है. इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में भी एक रिट याचिका पर सुनवाई चल रही है. श्री राय ने कहा है कि समय कम होने का बहाना बनाकर राज्य स्थापना दिवस समारोह, 2016 की सुबह प्रभात फेरी में शामिल होने वाले बच्चों को देने के लिए एक प्रिंटेड टी-शर्ट और टॉफी का एक पैकेट बिना निविदा निकाले मनोनयन के आधार पर खरीदा गया था. टॉफी की खरीद जमशेदपुर के सिदगोड़ा के लल्ला इंटरप्राईजेज से और टी शर्ट की खरीद जमशेदपुर के कदमा निवासी प्रकाश शर्मा के माध्यम से कुडु फैब्रिक्स, लुधियाना से दिखाई गई. प्रारम्भिक जांच में पता चला कि वर्ष 2016-17 में लल्ला इंटरप्राईजेज ने न तो एक भी टॉफी खरीदा और न ही बेचा, परंतु एक साजिश के तहत सरकार से 35 लाख रूपये का चेक ले लिया और उस पर बिक्री कर (वैट) का करीब 4 लाख रूपये का भुगतान कर दिया. वाणिज्य कर विभाग ने टॉफी की बिक्री छुपाने के लिये लल्ला इंटरप्राईजेज पर 17 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना लगा दिया है. कुडु फैब्रिक्स, लुधियाना के स्थानीय एजेंट कदमा, जमशेदपुर निवासी प्रकाश शर्मा के माध्यम से 5 करोड़ रूपये की टी शर्ट की ख़रीदी लुधियाना के कुडु फैब्रिक्स से दिखाई गई है. पर झारखंड सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने इसके लिये रोड परमिट नहीं दिया है. टी शर्ट की इतनी बड़ी खेप लुधियाना से रांची, जमशेदपुर, धनबाद सड़क मार्ग से आयी या रेल मार्ग से आयी, इसकी सूचना वाणिज्य कर विभाग को नहीं है. पर भुगतान पूरा हो गया है. अब झारखंड सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने पंजाब सरकार से इस बारे में जानकारी मांगा है. 15 नवम्बर 2016 को पूर्व निर्धारित मनोरंजन कार्यक्रमों के बीच एक घंटा के लिए फिल्मी पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान का गीत कार्यक्रम रखा गया. 9 नवम्बर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव ने सुनिधि चौहान को बुलाने का प्रस्ताव रखा जिस पर करीब 44 लाख रूपया का खर्च बताया. प्रस्ताव स्वीकृत हो गया. परंतु इस पर कुल भुगतान दिखाया गया 55 लाख रूपया से अधिक. यह भी बताया गया है कि इसके तीन दिन पहले 6 नवम्बर 2016 को छठ पर्व पर सूर्य मंदिर परिसर, जमशेदपुर में सुनिधि चौहान का गीत कार्यक्रम हुआ था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ही उस समय तथाकथित सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक थे. सरकार ने तो 15 नवम्बर के सुनिधि चौहान के एक घंटा के प्रोग्राम के लिये 55 लाख रूपया से अधिक का भुगतान किया. पर सवाल है कि सूर्य मंदिर समिति ने उन्हें कितने का भुगतान किया? या सरकार ने ही दोनों कार्यक्रमों का भुगतान कर दिया. इसके अतिरिक्त रांची शहर में एक दिन के सजावट पर बिजली विभाग ने 15 नवंबर 2016 को 4 करोड़ रूपया से अधिक खर्च दिखाया है. यह खर्च 2017 में करीब 2 करोड़ रूपया है. 2016 के कार्यक्रम में कुल खर्च करीब 9.50 करोड़ रूपया दिखाया है, जबकि यही खर्च 2017 के राज्य स्थापना दिवस पर करीब 12 करोड़ रूपया से अधिक दिखाया गया है. 2017 में प्रभात फेरी के लिये टॉफी की खरीद माँ लक्ष्मी भंडार, जुगसलाई से और टी-शर्ट की खरीद आदित्यपुर के प्रतीक फैबनिट से की गई. (नीचे देखे पूरी खबर)

विधायक सरयू राय ने जरूरतमंदों के लिए 5 रुपये में खाना खिलाने का शुरू किया कैंटीन
जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों को मात्र 5 रुपये शुल्क पर दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने वाली योजना का ट्रायल के तौर पर आज से शुरुआत कर दी गयी. आज सीमित संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार करवाया गया. 19 फरवरी तक इसी तरह से सीमित संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार कर ट्रायल के तौर पर योजना चलता रहेगा. इस अवसर पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने पहले दिन तैयार भोजन को ग्रहण किया. उन्होंने इस बारे में जानकारी दी है कि 20 फरवरी को बारीडीह कार्यालय से ‘श्री बालाजी अन्नपूर्णा’ मध्याह्न भोजन कार्यक्रम की शुरुआत नागरिकों के लिए कर दी जाएगाी. इसके अंतर्गत प्रत्येक दिन जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों को 5 रुपये मात्र के शुल्क पर दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.





