जमशेदपुर : जमशेदपुर के नागाडीह चर्चित चार लोगों के नरसंहार मामले में शुक्रवार को अनुसंधानकर्ता सेवानिवृत्त अवर निरीक्षक अवधेश कुमार की गवाही पांचवे दिन पूरी हो गई. अवधेश कुमार इस मामले में 17 वॉ गवाह है, साथ ही 18 वॉ गवाह के रूप में अवर निरीक्षक रामाशीष ठाकुर की भी गवाही पुरी हो चुंकी हैं. बुधवार को जमशेदपुर की अदालत में गवाही के दौरान कोर्ट के आदेश पर सभी अभियुक्त भी उपस्थित थे. इस मामले की सुनवाई जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे- वन संजय कुमार उपाध्याय की अदालत कर रही हैं. गवाही में रामाशीष ने बताया कि बागबेड़ा थाना प्रभारी के आदेश पर वह मामले में जब्त समान और एफएसएल रिपोर्ट रांची और चंडीगढ़ के साथ-साथ अन्य जब्त सामान को कोर्ट के समक्ष पेश किया हैं.(नीचे भी पढ़े)
घटना के समय वह बागबेड़ा थाने में पदस्थापित नहीं थे इसलिए घटना के बारे उन्हें जानकारी नहीं हैं. घटना 18 मई 2017 की हैं, नागाडीह में ग्रामीण द्वारा तीन युवक गंगेश गुप्त, विकास वर्मा, गौतम वर्मा और गौतम वर्मा की दादी राम सखी देवी की पीट- पीट कर मार डाला गया था. मृतक के भाई उत्तम वर्मा के बयान पर ग्राम प्रधान, मुखिया समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. उत्तम वर्मा का कहना था कि घटना की शाम वह अपने भाई विकास वर्मा के साथ नया बाजार जुगसलाई से मोटरसाइकिल से नागाडीह गांव व्यवसाय के सिलसिले में गये थे. रास्ते में गांव के मुखिया राजाराम हांसदा,ग्राम प्रधान विभीषण सरदार व अन्य ने मिलकर उन्हे रोक लिए और पहचान पत्र की मांग करने लगे. (नीचे भी पढ़े)
पूछने पर बताया कि वे शौचालय बनाने का काम करते हैं. लेकिन ग्राम प्रधान ने पहचान-पत्र की मांग करने लगे. उत्तम ने अपना पहचान-पत्र दिखाया लेकिन भाई विकास का पहचान पत्र नहीं था. लेकिन उपद्रवियों द्वारा मानने की तैयार नहीं थे. तब उत्तम ने वहीं से अपने भाई गौतम को फोन किया और बोला कि विकास का पहचान पत्र लेकर जल्द से जल्द पहुंचे. गौतम अपनी मां कुन्ती देवी, दादी राम सखी देवी व अन्य के साथ नागाडीह पहुंचे. पहचान-पत्र दिखाने के बावजूद उपद्रवियों द्वारा मानने के लिए तैयार नहीं हुए और विकास, गौतम, गंगेश एवं उनकी दादी राम सखी पर हमला बोल दिया.(नीचे भी पढ़े)
मारपीट कर चारों गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. सभी लहुलुहान हालत में जमीन पर गिर गया. पुलिस चारों को टीएमएच इलाज के लिए लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. लेकिन उनकी दादी का इलाज टीएमएच में चल रहा था. उनकी भी मृत्यु कुछ दिन बाद हो गई थी. इस मामले में राजाराम हांसदा, विभीषण सरदार,दारा मंडल,जापान हांसदा,गणेश मंडल,राजेश टुडू ,राहुल सरदार,सुनील सरदार,सुभाष हांसदा,करण मार्डी,लखन सोरेन,गोपाल टुडू,बबलू पात्रो, जवाहरलाल सरदार,रंजीत भूमि,श्रीधर राजन मार्डी,उमेश दास,अशोक पत्र समेत 200-300 अज्ञात को आरोपी बनाया गया था. मामले पुलिस करीब 22 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया हैं.




