
जमशेदपुर : सांसद विद्युत वरण महतो ने रविवार को आम बजट 2023-24 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अपने बिष्टुपुर कार्यालय में प्रेसवार्ता का आयोजन किया. बजट के संबंध में बिन्दुवार ढंग से प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि सरकार का आम बजट 2023-24 समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट है. खासकर इसमें गांव, गरीबों, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, शोषितों, वंचितों, दिव्यांगजनों, आर्थिक रूप से पिछड़े तथा मध्यम वर्ग के लोगों के हित को खास तौर पर जगह दी गई है. सांसद ने बजट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का अभिनंदन करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया. सांसद ने बजट को आजादी के अमृत काल का पहला बजट बताया जो आनेवाले 25 वर्षों का आधार बनकर भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती एवं स्थिरता प्रदान करेगा. सांसद ने कहा कि आजादी के 75वें साल में दुनिया ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक चमकता सितारा माना है. चालू वर्ष का आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया है. अनुमान है कि वर्ष 2027 तक जापान, जर्मनी जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय अर्थ व्यवस्था दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था हो जायगी. (नीचे भी पढ़ें)
सांंसद ने बजट पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नौकरी पेशा और मध्य वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी गई है. अब नौकरी पेशा लोगों को 7 लाख रुपये सालाना की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. साथ ही, टैक्स स्लैब को भी घटा कर सीमित कर दिया गया है. इस बजट की 7 अर्थात सप्तर्षि प्राथमिकताएं हैंः- 1)समावेशी विकास, 2) अंतिम व्यक्ति तक पहुॅचना, 3) अवसंरचना एवं निवेश, 4) क्षमता को सामने लाना, 5) हरित विकास, 6)युवा शक्ति और 7) वित्तीय क्षेत्र शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
सांसद ने कहा कि महिला एवं वरिष्ठ नागरिकों को बजट में खास स्थान दिया गया है. केन्द्र सरकार द्वारा महिला सम्मान विकास पत्र जारी करने एवं महिलाओं को अब 2 लाख रुपए की बचत पर सालाना 7.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा.वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेविंग्स एकाउंट में रखी जाने वाली रकम की लिमिट को भी 4.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 9 लाख रुपए करने का निर्णय लिया गया है. साथ ही, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की लिमिट को भी 15 लाख से बढ़ा कर 30 लाख रुपये कर दिया गया है. ये योजनाएं महिला सशक्तिकरण और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी. (नीचे भी पढ़ें)
रेलवे के लिए 2 लाख 40 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया गया है जो कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय के 2013-14 के बजट से 9 गुना अधिक है.उधर प्रधानमंत्री आवास योजना के बजट को बढ़ाकर 69 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है. पीएम आवास योजना में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाती है कि सरकार गरीबों के लिए कितनी संवेदनशील है.उक्त योजना के तहत बड़े पैमाने पर झारखण्ड के गरीब परिवारों को आवास मिल सकेगा. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहट सरकार ने 80 करोड़ से भी अधिक लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराने की विशेष योजना 28 महीनों तक चलायी. इस बजट में सरकार ने 1 जनवरी 2023 से पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सभी अंत्योदय एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को मुफ्त राशन देने की योजना को अगले एक साल तक बढ़ाने की घोषणा की है जिसपर 2 लाख करोड़ रूपए खर्च वहन किया जाएगा. आज दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हुई है क्योंकि भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाली है जिसकी बैठक झारखंड की राजधानी रॉची में भी प्रस्तावित थी जो राज्यवासियों के लिए गर्व का विषय है. (नीचे भी पढ़ें)
आदिवासी कल्याण पर मोदी सरकार का विशेष फोकस रहा है. मोदी सरकार ने देश के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लाभ के लिए प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन शुरू किया है. मोदी सरकार द्वारा इस योजना के लिए कुल ₹15,000 करोड़ का बजटीय परिव्यय आवंटित किया गया है. मोदी सरकार का लक्ष्य पी.वी.टी.जी. परिवारों और बस्तियों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका के अवसरों जैसी बुनियादी सुविधाओं से परिपूर्ण करना है. यह विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के उत्थान में सहायक होगा जिनकी जरूरतों को मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2014 से लगातार पूरा किया जा रहा है. वहीं एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय पर सांसद ने बताया कि मोदी सरकार ने निर्णय लिया है कि पूरे देश में 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए कुल 38,800 शिक्षण और सहायक कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी. देश के लगभग 3.5 लाख आदिवासी छात्र इन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में अध्ययन करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मोदी सरकार 11.7 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों का निर्माण करने में सक्षम रही है. स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा केवल घरेलू शौचालय प्रदान करना ही नहीं अपितु देश के गांवों को अपने सूखे कचरे और गीले कचरे के प्रबंधन के लिए सक्षम बनाने में भी सफलता प्राप्त हुई है.उज्जवला योजना के तहत इस योजना ने 9.6 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन प्राप्त करने में सक्षम बनाया है. कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए 220 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक प्रदान की गई है.वहीं सरकार ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से देश के कई नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली तक पहुंचने में सक्षम बनाया है. इस योजना के द्वारा कुल लगभग 47.8 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं. अंत में सांसद ने कहा कि यह बजट सतत विकास और आजादी के 100 साल बाद भारत की परिकल्पना का बजट है.



