
जमशेदपुर : कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मरने वाले लोगों के परिजनों को शव बगैर जांच के नहीं सौंपा जा रहा है. इसी क्रम में घाटशिला की एक महिला अनिता देवी की बीते 8 मई को एमजीएम अस्पताल लाने के क्रम में मौत हो गयी थी. जहां अस्पताल प्रशासन ने महिला के शव को रोक लिया था. इधर परिजन महिला के शव को प्राप्त करने को लेकर दर- दर की ठोकरें खाते फिर रहे थे. वहीं शनिवार को जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो के निर्देश पर महिला के परिजनों को शव सौंप दिया. वहीं शव मिलने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए ले गए. इस संबंध में परिजनों ने बताया कि महिला काफी दिनों से बीमार चल रही थी, जिनका इलाज घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में चल रहा था, जहां से तबीयत ज्यादा खराब होने पर महिला को एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया था, जहां बीचे 8 मई को एमजीएम लाने के क्रम में महिला की मौत रास्ते में ही हो गई थी. फिलहाल परिजनों ने शव मिलने के बाद राहत की सांस ली है.

दूसरी ओर, जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो आज कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल पहुंचे. जहां उन्होंने चिकित्सकों एवं अस्पताल के अधीक्षक के साथ वार्ता की. इस दौरान भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार एवं भाजपा के अन्य नेता भी मौजूद रहे. वहीं सांसद ने बताया कि चूंकि कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल है. जहां न केवल जमशेदपुर बल्कि कोल्हान के तीनों जिलों सरायकेला और चाईबासा के दूरदराज के इलाकों के भी मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अस्पताल के अधीक्षक से मांग की है कि वैसे मरीज जो यहां आ तो जाते हैं, लेकिन लॉक डाउन के कारण इलाज के बाद वापस जाने में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उनके लिए अस्पताल की ओर से ही घर तक भिजवाने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए. वैसे मामला निश्चित तौर पर गंभीर है. ऐसे सैकड़ों मरीज यहां मौजूद हैं, जो इलाज कराने पहुंच तो गए लेकिन अब उन्हें अपने घरों तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल अस्पताल अधीक्षक ने सांसद की बातों को गंभीरता से लिया है, और इसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाने का भरोसा भी दिलाया है. हालांकि इस दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के एमजीएम प्रभारी भी बैठक में मौजूद रहे.







