
जमशेदपुर: अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक आज अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष और बिहार स्टेट बार कौंसिल के वाईस चेयरमैन धर्मनाथ प्रसाद यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. जिसमें समिति की क्रियाकलापों और कार्यक्रमो पर विस्तार से अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के राष्ट्रीय महामंत्री और झारखंड स्टेट बार कौंसिल के वाईस चेयरमैन राजेश कुमार शुक्ल ने प्रकाश डाला। वरिष्ठ अधिवक्ता श्री शुक्ल ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के चलते अधिवक्ताओ को अभी भी अनेक प्रकार की कठिनाई झेलनी पड़ रही है. न्यायालय के पुर्ण फिजिकल नही होने से अभी भी अधिवक्ता कठिनाई में है. इसलिए न्यायालय को पूरी तरह फिजिकल कराने की मांग समिति द्वारा की जायेंग.श्री शुक्ल ने बताया कि अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति की प्रदेश कमिटी 12 राज्यों में बन चुकी है इसको जिला और अनुमंडल पर भी ले जाना होंगा. अधिवक्ताओ की कई जटिल समस्याओं को समिति ने संघर्ष कर समाप्त कराया है. बैठक में समिति के संरक्षक और बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र ने जन्माष्टमी की देश के सभी अधिवक्ताओ को शुभकामनाएं दी. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मनाथ प्रसाद यादव ने समिति के स्थापना दिवस को 26 नवंबर 2021 को पटना में कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार मनाने की घोषणा की जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया तथा इसे शालीनता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया.बैठक में सर्वसम्मति से समिति की मासिक पत्रिका विधि विमर्श को और सशक्त और उपयोगी बनाने का निर्णय लिया गया । साथ ही समिति द्वारा युवा अधिवक्ताओ के लिए प्रशिक्षण शुरू कराने का भी निर्णय लिया गया ताकि युवा अधिवक्ताओ को प्रतिभासंपन्न बनाया जा सके। समिति ने यह भी निर्णय लिया गया कि समिति के माध्यम से युवा और महिला अधिवक्ता जो अधिवक्ताओ के हितों में लगातार काम करते है उन्हें सम्मानित किया जायेगा। उन्हें समिति प्रोत्साहित करेंगी.





