जमशेदपुर : जमशेदपुर के चर्चित मानगो पॉक्सो एवं सामूहिक दुष्कर्म मामले में मंगलवार को स्पेशल पोक्सो अदालत में पीड़िता और उसकी मां दुखनी भगत की गवाही हुई. गवाही के दौरान पीड़िता ने अदालत को बताया कि वर्ष 2018 में उसके साथ श्रीकांत महतो, शिव कुमार महतो और इंद्रपाल सैनी ने दुष्कर्म किया था. उसने यह भी कहा कि नानक चंद्र सेठ और उसकी बहन अनीता गणोत्रा उसे व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से लोगों की तस्वीरें दिखाकर उनके नाम याद करने के लिए मजबूर करते थे. नाम याद नहीं रहने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी. (नीचे भी पढ़ें)
अदालत में जब अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ हुई तो पीड़िता ने कहा कि वह किसी अन्य आरोपी को नहीं पहचानती. उसने यह भी आरोप लगाया कि नानक चंद्र सेठ ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया था. वहीं, पीड़िता की मां ने गवाही में कहा कि नानक चंद्र सेठ जबरन खाली कागजों पर उनका अंगूठा लगवाता था. उन्होंने भी कहा कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म श्रीकांत महतो, शिव कुमार महतो और इंद्रपाल सैनी ने किया था. (नीचे भी पढ़ें)
गौरतलब है कि इस मामले में वर्ष 2019 में मानगो थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी. मुख्य आरोपियों इंद्रपाल सैनी और शिव कुमार महतो व श्रीकांत महतो को अदालत 25-25 वर्ष के कारावास की सजा सुना चुकी है. बाद में पीड़िता के बयान के आधार पर कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था. मंगलवार की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता गौरव पाठक, प्रदीप मिश्रा, अंशुमान चौधरी, अनिरुद्ध महापात्र, संजय मुखर्जी समेत अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे.





