जमशेदपुर: जमशेदपुर में फिनायल बनाने की कंपनी शुरू कराने का झांसा देकर करीब 49 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में सिदगोड़ा थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी मनीष सिंह को गिरफ्तार किया है. शुक्रवार देर रात पुलिस टीम ने टाइगर मोबाइल के जवानों के सहयोग से उसके ठिकाने पर दबिश देकर उसे पकड़ा. आरोपी के खिलाफ पहले से वारंट जारी था. जानकारी के अनुसार, सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले अर्जुन यादव ने मनीष सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनीष ने फिनायल कंपनी स्थापित करने और उसमें निवेश के नाम पर अर्जुन यादव से करीब 49 लाख रुपये लिए थे. पैसे लेने के बाद कंपनी शुरू नहीं की गई. जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी कथित तौर पर लगातार बहाने बनाता रहा और भुगतान को टालता रहा. काफी समय तक रकम वापस नहीं मिलने और आरोपी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद अर्जुन यादव ने पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद सिदगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. केस दर्ज होने के बाद से ही मनीष सिंह पुलिस की पकड़ से बाहर था. (नीचे भी पढ़ें)
ठिकाना बदलकर रह रहा था आरोपी : पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था. पुलिस टीम उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी. इसी क्रम में शुक्रवार रात उसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया.
कई और लोगों से रकम लेने का आरोप : जांच के दौरान पुलिस के सामने इस मामले से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी आए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक करीब 24 से 25 लोगों ने आरोपी के खिलाफ रकम लेने की शिकायत या जानकारी दी है. कुछ लोगों ने 15 लाख रुपये तक और कुछ ने करीब 12 लाख रुपये दिए जाने की बात बताई है.
हालांकि, इन सभी मामलों की अभी पुलिस स्तर से विस्तृत जांच की जा रही है. फिलहाल सिदगोड़ा थाना में अर्जुन यादव की शिकायत पर करीब 49 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज है. अन्य लोगों से जुड़ी शिकायतों में कितनी रकम ली गई और उनमें आरोपी की भूमिका क्या रही, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. (नीचे भी पढ़ें)
वारंट के आधार पर हुई गिरफ्तारी : पुलिस का कहना है कि आरोपी मनीष सिंह के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी था. इसी वारंट के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में सामने आए अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर ली गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस पूरे मामले में अन्य कोई व्यक्ति शामिल है या नहीं. फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है.






