जमशेदपुर : जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम वकारिब की अध्यक्षता में गुरुवार को मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई. बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण समेत सभी डीएसपी, पुलिस निरीक्षक और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान जिले में अपराध की स्थिति, लंबित मामलों और अनुसंधान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. (नीचे भी पढ़ें)

वरीय पुलिस अधीक्षक ने लंबित कांडों के त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर विशेष जोर देते हुए अगले दो माह में जिले में लंबित कांडों की संख्या 1500 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया. सभी पर्यवेक्षी पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग का निर्देश दिया गया. बैठक में लंबित वारंट एवं कुर्की का शीघ्र निष्पादन, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और आदतन अपराधियों की पहचान कर उनकी निगरानी करने पर जोर दिया गया. अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान तेज करने तथा आर्म्स एक्ट के मामलों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

चेन स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं पर विशेष फोकस करते हुए संलिप्त अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया. महिलाओं के खिलाफ अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई, मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार छापेमारी तथा कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए. (नीचे भी पढ़ें)
इसके अलावा यूडी एवं चोरी के मामलों, साइबर अपराध, पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई. पुलिस अधिकारियों को सीसीटीएनएस, आइगॉट, आइसीजेएस और सीपीएमएस जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म का प्रभावी इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया. एसएसपी ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय और दृश्यमान पुलिसिंग सुनिश्चित करने तथा अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार लक्षित कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ लंबित मामलों की संख्या घटाना पुलिस का उद्देश्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक कांड का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और विधिसम्मत निष्पादन प्राथमिकता है. उन्होंने पर्यवेक्षी पदाधिकारियों को अपने अधीन लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर अनुसंधान में आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान करने का भी निर्देश दिया.




