
जमशेदपुर : जमशेदपुर साइबर पुलिस की असंवेदनशीलता सामने आई है. बताया जा रहा है कि ब्लड डोनर्स इंडिया के वेरीफाइड टि्वटर अकाउंट द्वारा टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती एक मरीज के लिए तत्काल ओ पॉजिटिव प्लाज्मा के लिए मदद का निवेदन किया गया था. वहीं झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जरूरी सहयोग के लिए जमशेदपुर पुलिस को निर्देश दिया था. वहीं जमशेदपुर पुलिस की साइबर सेल ने मामले में लापरवाही बरतते हुए ब्लड डोनर्स इंडिया के ट्वीटर अकाउंट को ब्लॉक कर दिया. इधर जमशेदपुर पुलिस के साइबर सेल के इस प्रकरण को पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मामले में राज्य पुलिस महानिदेशक से हस्तक्षेप करने की मांग की है. कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में ब्लड डोनर्स इंडिया के वेरीफाई टि्वटर हैंडल से जरूरतमंद लोगों को सेवाएं दी जा रही है. ऐसे में जिम्मेदार जमशेदपुर पुलिस द्वारा उनके ट्वीटर अकाउंट को ब्लॉक कर देना अव्यवहारिक और अविवेकपूर्ण ज्ञान होता है. दूसरी ओर, जमशेदपुर पुलिस के खिलाफ पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने इसको लेकर ट्विट किया. ट्विटर पर पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने दबाव बनाया, जिसको लेकर लगातार ट्विट होता गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल उस ट्विटर हैंडल को अनब्लॉक कर दिया.







