
जमशेदपुर : भारतीय मजदूर संघ की अनुषंगी इकाई भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कामगार यूनियन की ओर से गुरुवार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त के नाम एक 14 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. इसके माध्यम से यूनियन द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए भारत सरकार द्वारा 1996 में बने एक्ट के तहत सुविधा प्रदान करने की मांग की गयी. इधर जमशेदपुर में भी यूनियन द्वारा उपायुक्त को मांगपत्र सौंपते हुए बताया गया कि राज्य में प्रभावी तरीके से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सुविधा नहीं मिल रही है. इस संबंध में जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष दीपक घोष ने बताया कि बोर्ड में निबंधित सभी श्रमिकों का निबंधन एवं योजनाओं का लाभ ऑनलाइन व्यवस्था से ही किया जाए. पुराने एवं नए सभी निबंधित श्रमिकों का बैंक खाता मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड शीड किया जाए. ऑफ लाइन में बने निबंधित श्रमिकों के कार्ड को शीघ्र ऑनलाइन किया जाए. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि निबंधन को सरल बनाते हुए शैक्षणिक घोषणा के अनुसार 90 दिनों का काम करने का प्रमाण केंद्र श्रम संगठनों से यूनियन के प्रमाण पत्र को वैध माना जाए. निबंधन के पश्चात कोई भी राशि बोर्ड द्वारा श्रमिकों से लेने की व्यवस्था खत्म की जाए. बोर्ड के सलाहकार समिति अध्यक्ष बोर्ड के सदस्य को नियुक्त केंद्र श्रम श्रम संगठन के अनुशंसा पर की जाए. राज्य के सभी जिलों में अनुश्रवण समिति का गठन किया जाए. बोर्ड में कार्यरत सभी मानदेय आउटसोर्सिंग में काम करने वाले श्रमिकों को स्थाई किया जाए. योजनाओं के लाभ में दलाली प्रथा बंद की जाए. बोर्ड के शेष राशि सरकार के पास जमा होना दुर्भाग्यपूर्ण है. सभी राशि बोर्ड में स्थानांतरित किया जाए. बोर्ड एवं प्रत्येक जिले में सुरक्षा समिति का निर्माण किया जाए. जिसमें ट्रेड यूनियनों की सहभागिता अवश्य हो. साथ ही गुजारा भत्ता एवं पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग की गई.



