जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो उलीडीह में बंद पड़े मिडिल स्कूल के पास रहने वाली आदिवासी महिलाओं ने भाजपा नेता विकास सिंह के नेतृत्व में उलीडीह थाने में प्रदर्शन कर अपनी आप बीती सुनायी. महिलाओं ने बताया कि बंद पड़े हुए विद्यालय में अवैध नशा के सामान खुलेआम बिक्री होते हैं. गांजा, हीरोइन, चरस, ब्राउन शुगर और अवैध शराब के साथ-साथ डेली लॉटरी धड़ल्ले से बिक रही है. चौबीसों घंटे नशा खुरानी गिरोह के अपराधियों का अड्डा विद्यालय में लगा रहता है महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. महिलाओं को देखकर गंदी गंदी बातें ,गाली ,फबतिया ,कमेंट अपराधियों के द्वारा दिए जाते हैं. इससे महिलाएं घर से निकल नहीं पा रही है. (नीचे भी पढ़ें)

महिलाओं ने दबे जुबान में कहा कि अंधेरा होने पर युवती का भी आना उस जगह में शुरू हो जाता है. अवैध धंधे जमकर हो रहे हैं, हम सभी कई बार थाने में इसकी शिकायत किए लेकिन केवल खानापूर्ति पुलिस प्रशासन के द्वारा की जाती है. दो दिन पूर्व पुलिस मौके में जाकर युवकों को गिरफ्तार करके लाई थी, लेकिन कुछ मिनटों के बाद ही ही नशा का समान बिक्री कर गिरफ्त में आए. युवकों छोड़ दिया गया, जिससे उनका मनोबल और बढ़ गया. महिलाओं ने कहा कि धीरे-धीरे प्रशासन के ऊपर से भरोसा उठता जा रहा है. महिलाओं ने विकास सिंह के समीप संकल्प लिया कि अगर प्रशासन कड़ाई से पेश आकर अपराधियों पर करवाई नहीं करेगा तो हम सभी अपने घर में कामकाज के लिए रखे सारे उपयोगी सामान जैसे बेलना ,कलछुल, छोलनी, डंडा लेकर सड़क पर उतर के अपने और अपने परिवार की रक्षा स्वयं करेंगे. महिलाओं ने कहा कि जब वर्ष 2000 में झारखंड राज्य अलग हुआ, हम सभी को पूरा भरोसा था कि कुछ हो या ना हो झारखंड की आदिवासी महिलाएं सुरक्षित रहेगी, लेकिन ठीक इसके विपरीत अब हम लोगों के पास अपराधियों के कारण अपने घर द्वार छोड़कर पलायन की स्थिति हो गई है. (नीचे भी पढ़ें)
थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि चौबीस घंटे में कभी भी अवैध कारोबार की सूचना दीजिएगा. पांच मिनट में जिला प्रशासन वहां पहुंचकर उचित कार्रवाई करेगी. प्रदर्शनकारी आदिवासी महिलाओं का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा कि मानगो में प्रशासन का नहीं, अवैध कारोबार करने वालों का शासन चल रहा है, जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नशा खुरानी गिरोह के सामने पुलिस बौना बन गई है. स्थिति नहीं सुधरी तो पूरे मामले की जानकारी जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक को दी जाएगी. उसके बाद भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो महिलाओं के साथ स्वयं सड़क पर करके अपनी जान माल की रक्षा लोग करेंगे. थाने में प्रदर्शन करने में मुख्य रूप से विकास सिंह, विजय सोए, बिरजू बास्के,सुनीता बास्के, सुषमा पूर्ति, सुमित्रा बालापोरिया, सुनीता सुंडी, शीतल सुंडी, रिंकी पूर्ति, मुक्ता उग्र सुंडी, संगीता गोप, संजना सुंडी, चंचल देवी मुख्य रूप से शामिल थे.




