जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन यार्ड में वंदे भारत ट्रेन के एसी मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से गंभीर रूप से घायल मिस्त्री की इलाज के दौरान मौत के बाद मुआवजे एवं अन्य मांगों को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है. मृतक पूर्वी सिंहभूम जिले के जामदा क्षेत्र का निवासी था और परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था. उसकी असमय मृत्यु से परिवार पर संकट गहरा गया है. (नीचे भी पढ़ें)

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व टाटानगर रेल यार्ड में वंदे भारत ट्रेन की एसी की मरम्मत के दौरान मिस्त्री एचटी करंट की चपेट में आ गया था. गंभीर रूप से जली स्थिति में उसे तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे टीएमएच रेफर कर दिया गया. लगभग एक सप्ताह तक इलाज चला, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. (नीचे भी पढ़ें)

मृतक के परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली. परिवार का कहना है कि मृतक ही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसकी मृत्यु से पूरे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. इसी मांग को लेकर क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य, स्थानीय महिलाएं तथा ग्रामीण पिछले दो दिनों से टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग कर रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
सोमवार को जब परिजन टीएमएच से शव लेने पहुंचे तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई. परिजनों का आरोप है कि उन्हें एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, जिसमें भविष्य में किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन या मुआवजे की मांग नहीं करने की बात लिखी हुई थी. इस पर परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे तथा अस्पताल परिसर में ही विरोध जताने लगे. (नीचे भी पढ़ें)
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में बस्तीवासी और मृतक के रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए. लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रशासन तथा संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की. काफी देर तक चले विवाद और बातचीत के बाद स्थिति शांत हुई तथा अंततः मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया. इसके बाद परिजन शव को लेकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे एवं अपनी मांगों को लेकर स्टेशन के आउट गेट के पास शव के साथ धरने पर बैठ गए. समाचार लिखे जाने तक परिजन, स्थानीय जन प्रतिनिधि, ग्रामीण एवं अन्य आक्रोशित लोग स्टेशन आउट गेट के पास ही धरने पर बैठे नारेबाजी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों में काफी आक्रोश दिख रहा है, जिसके मद्देनजर स्टेशन क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है. (नीचे भी पढ़ें)
इधर, स्थानीय जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा तथा एक आश्रित को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है. वहीं, क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है.







