जमशेदपुर : जमशेदपुर के बागबेड़ा ट्रैफिक कॉलोनी में कारोबारी को जमीन का कब्जा दिलाने के दौरान विरोध स्वरुप आत्मदाह करने वाले रेलवे का कर्मचारी सतीश कुमार पिल्लई ने दम तोड़ दिया. उसका इलाज टाटा मुख्य अस्पताल के बर्न यूनिट में चल रहा था, जहां उसने जिंदगी की की लड़ाई हार गया. सतीश कुमार पिलाई 60 फीसदी से भी अधिक जल गए थे जिसका इलाज के दौरान मौत हो गई. यह घटना बुधवार की है जब टाटानगर रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पुलिस ओमप्रकाश कसेरा को जमीन का कब्जा दिलाने गई थी. सतीश पिल्लई रेलवे में इलेक्ट्रिकल लोको शेड में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे. (नीचे देखे पूरी खबर)

उनका दावा था कि सतीश पिल्लई के पिता रामनाथ पिल्ले ने रेलवे की जमीन लीज पर ली थी. पिता के मरने के बाद पिता के नाम पर जमीन थी. साल 2011 में उक्त जमीन को कब्जा कर ओम प्रकाश (प्रकाश दुकान) नामक व्यक्ति को बेच दिया गया. इसको लेकर पिता ने साल 2021 में केस भी फाइल किया है. ओम प्रकाश अक्सर उक्त जमीन पर निर्माण कार्य करवाने का प्रयास करता रहा, पर कोर्ट में केस चलने के कारण वह काम नहीं करवा पा रहा था. उसी विवादित जमीन पर ओम प्रकाश के घर का निर्माण कार्य करवाने के लिए आरपीएफ और रेलवे लैंड डिपार्टमेंट के लोग आए थे. रेलवे का कहना हैँ कि वह जमीन ओमप्रकाश कसेरा के नाम पर लीज पर है और सतीश पिल्लई और उनका परिवार ओमप्रकाश को जमीन पर कोई काम करने नहीं दे रहा था जिसका रेंट भी रेलवे हर माह ओमप्रकाश से लेती है. . (नीचे देखे पूरी खबर)
उसी जमीन पर कब्जा दिलाने के दौरान पहले सतीश पिल्लई की पत्नी और बेटी ने आत्मदाह का प्रयास किया. ज़ब दोनों को आरपीएफ ने पकड़ लिया तो सतीश पिल्लई वहां आये और मौत हो गई. सतीश पिल्लई ने परिवार के समक्ष एक वीडियो जारी कर कहा था कि आरपीएफ और लैंड डिपार्टमेंट को ओमप्रकाश द्वारा पैसे खिलाकर काम करवाया जा रहा है. आरपीएफ उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रही है. इसकी शिकायत ट्वीट के माध्यम में रेल मंत्री और रेल मंत्रालय के अलावा डीआरएम को भी की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. तंग आकर उन्होंने खुद को आग लगा ली थी.




