
जमशेदपुर : कोरोना महामारी की महामारी के बीच जुगसलाई एमई स्कूल रोड स्थित ट्रस्ट द्वारा संचालित राजस्थान सेवा सदन अस्पताल में कर्मचारी उस वक्त आक्रोशित हो गए जब वेतन की मांग पर मैनेजमेंट के लोग टालमटोल रवैया अपनाने लगे. कर्मचारियों का आरोप था कि मार्च महीने से उन्हें आधा वेतन मिल रहा है. ऐसे में मार्च माह का पूरा वेतन मिला नहीं और अप्रैल माह का कुछ चुनिंदा लोगों को आधे से भी कम वेतन दिया गया. उन्होंने मैनेजमेंट पर आरोप लगाया कि ऐसे ही हर एक कर्मचारी का वेतन काफी कम है.
ऊपर से वेतन काटकर मिलने से परेशानी दुगनी हो गई है. साथ ही उन्होंने बताया अप्रैल माह में इंक्रीमेंट भी नही हुआ और जब मैनेजमेंट पर दबाव बनाया जाता है तो उन्हें काम से निकालने की धमकी मिल रही है. ऐसे में वे कैसे काम करेंगे. जुगसलाई स्थित राजस्थान सेवा सदन अस्पताल में कुल 50 कर्मचारी हैं जो इस महामारी के वक्त भी अपनी सेवाएं दे रहे है. लेकिन आज लोगों ने काम को ही बंद कर दिया. कामकाज ठप होने की जानकारी मिलने पर मैनेजमेंट के अधिकारी अस्पताल पहुंचे.

वेतन की मांग को लेकर अपनी बातों पर अड़े कर्मचारियों से मैनेजमेंट के लोगों की नोक झोंक भी हुई. वही इस संबंध में जानकारी देते हुए अस्पताल के सचिव राजेश रिंगसिया ने बताया कि इस वैश्विक महामारी में अस्पताल में भी रेवेन्यू नहीं आ पा रहा है और अस्पताल ट्रस्ट द्वारा संचालित है. ऐसे में प्रबंधन द्वारा पूरी कोशिश की जा रही है कि कर्मचारियों को थोड़ा ही सही पर पैसे दिए जाएं. उन्होंने बताया लॉकडाउन समाप्त होते ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और इनकी सारी समस्याओं को दूर कर लिया जाएगा. वही प्रबंधन से मिले आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना काम शुरू किया.







