जमशेदपुर : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शुक्रवार को घाघीडीह सेंट्रल जेल के बाहर भाई-बहन के अटूट प्रेम और भावनाओं का मार्मिक दृश्य देखने को मिला. सुबह छह बजे से ही जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए महिलाएं और बहनें मुख्य गेट पर पहुंचने लगी थीं. झमाझम बारिश के बावजूद उनका उत्साह कम नहीं हुआ. कई महिलाएं छाता लेकर तो कई बारिश में भीगते हुए घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रहीं. जेल प्रशासन ने सुबह 8:30 बजे से बहनों को विशेष व्यवस्था के तहत जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी. बहनें अपने साथ राखी, मिठाई और लड्डू लेकर पहुंची थीं. (नीचे भी पढ़ें)

जेल गेट से मुख्य सड़क तक महिलाओं की कतार लगी रही. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक महिला की जांच-पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिया गया. रक्षाबंधन को देखते हुए नियमित मुलाकात बंद रखी गई थी. एक बार में करीब 10 महिलाओं को ही अंदर प्रवेश कराया जा रहा था. सीमित प्रवेश और सुरक्षा जांच के कारण बहनों को घंटों इंतजार करना पड़ा इसके बावजूद भाई की कलाई पर राखी बांधने की खुशी उनके चेहरे पर साफ नजर आई. जेल के बाहर बारिश और लंबी कतार के बीच भाई-बहन के स्नेह और विश्वास की भावनाएं साफ झलक रही थीं.




